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जलभराव से निजात के इंतजामों की समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री दिखे नाखुश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में जलभराव से निजात के इंतजामों पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह नाराज हैं। इस संदर्भ में अफसरों संग ली बैठक में उन्होंने नाराजगी जताते हुए अफसरों से 10 वर्ष में स्टॉर्म वाटर ड्रेन की सफाई पर किए गए खर्च का ब्योरा तलब कर लिया है।
इतना ही नहीं, मंत्री ने स्वीपिंग मशीन व सुपर सकर मशीनों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। मंत्री ने कहा कि वे इस मामले में अपने स्तर पर जांच करवाएंगे। पिछले दिनों हुई 45 एमएम बारिश में साइबर सिटी में जलभराव की स्थिति बन गई थी। करीब 120 जगह ऐसी थीं, जहां हालात ज्यादा खराब थे। इस दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी के मद्देनजर मंत्री ने शुक्रवार को प्री-मानसून की तैयारियों व अन्य विकास कार्यों को लेकर नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर के अधिकारियों संग समीक्षात्मक बैठक की। मंत्री ने बैठक में निगम अधिकारियों से स्टॉर्म वाटर ड्रेन व वार्डों के भीतर सीवरेज सिस्टम की सफाई, निगम एरिया में स्थापित एसटीपी की कार्यकुशलता व जोनवार सफाई व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि 15 जून से पहले सभी ड्रेनों और सीवरेज लाइनों की सफाई पूरी कर ली जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। राव नरबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि सफाई कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकतानुसार जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लोगों को साफ-सुथरा और जलभराव रहित वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इंजीनियरिंग विंग की कार्यप्रणाली से दिखे नाखुश
राव ने कहा कि जलभराव वाली जगहों पर जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है, उसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र की आरडब्ल्यूए व पार्षद के साथ जरूर साझा की जाए ताकि आपात स्थिति में वे उनसे सीधे संपर्क कर सकें। राव ने निगम की इंजीनियरिंग विंग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निगम के समूचे क्षेत्र में सीवर के ढक्कन जलनिकासी के निर्धारित स्तर पर लगे हों। अधिकारी यह ध्यान रखें कि भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क निर्माण व टाइल रोड में गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निर्माण के दौरान सामग्री का सरकारी लैब में ही सैंपल टेस्ट किया जाए। उन्होंने निगम अधिकारियों को गुरुग्राम में टेस्टिंग लैब बनाने के विकल्पों पर भी आगे बढ़ने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री ने नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर में स्वीपिंग मशीन व सुपर सकर मशीनों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम अधिकारी मशीनों की संख्या व उनका रूट प्लान उनके कार्यालय के साथ शेयर करें।