संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी की हवा प्रदूषित बनी हुई है। बारिश के बाद भी वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ। शहर में वायु गुणवत्ता मापने वाले चारों स्टेशनों के आंकड़ों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जगह-जगह सुलगता कूड़ा, सड़कों से उठती धूल और वाहनों का धुआं प्रदूषण के मुख्य कारण हैं। नगर निगम की सड़कों को धूलमुक्त बनाने की योजनाओं का असर जमीन पर नहीं दिखता।
नगर निगम के अनुसार सफाई और धूल नियंत्रण की निगरानी की जा रही है। पर्यावरणविद् गौरी सरीन ने बताया कि सड़क और फुटपाथ पर धूल जमी है। हवा की गुणवत्ता खराब होने से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। लगता है महीनों से सफाई नहीं हुई।
स्विस कंपनी आइक्यूएयर की आठवीं विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 में गुरुग्राम प्रदूषण चार्ट में 11वें स्थान पर रहा। 2025 में गुरुग्राम का वार्षिक औसत पीएम 2.5 स्तर 74.6 माइक्रोग्राम/घन मीटर रहा। यह पीएम 2.5 स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाए स्तर से 13 गुना अधिक है।
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वर्जन
शहर की सड़कों को साफ रखने के लिए योजनाबद्ध कार्य जारी है। मुख्य मार्गों की नियमित सफाई जारी है। कूड़ा जलाने और फेंकने पर जुर्माना लगाया जाता है।
रविंद्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम