पार्क के भीतर नालों का गंदा पानी जमा, चारों तरफ फैली गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। नगर पालिका झिरका द्वारा हर साल सफाई व्यवस्था पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद भी शहर का गौरव और शहीदों की याद में बना शहीदी पार्क आज बदहाली के दौर से गुजर रहा है। पार्क के भीतर नालों का गंदा पानी जमा है और चारों तरफ फैली गंदगी आने-जाने वालों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव से लेकर दो अक्तूबर तक महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इस अभियान की गूंज फिरोजपुर झिरका के शहीदी पार्क तक नहीं पहुंच सकी। यही कारण है कि स्थानीय लोग इसे शहीदों का अपमान मान रहे हैं।
शहर के वरिष्ठ समाजसेवी रमेश कामरा, पूर्व नगर पालिका प्रधान जय सिंह सैनी, फजरूद्दीन बेसर और मेवात कारवां संस्था के अध्यक्ष डॉ. अशफाक आलम सहित कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जिस पार्क में शहीदों की स्मृति संजोई गई है, उसकी दुर्दशा शहरवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।
नगर पालिका रिकॉर्ड के मुताबिक, सफाई व्यवस्था के लिए लगभग 55 कर्मचारी तैनात हैं। वहीं रात में 40 से अधिक सफाई कर्मचारी काम करते हैं। टेंडर प्रक्रिया के तहत बड़ी राशि खर्च होने का दावा किया जाता है। बावजूद इसके शहर की गलियां, नाले और खासकर सार्वजनिक पार्क साफ-सुथरे दिखाई नहीं देते। शहीदी पार्क सिर्फ गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर अधिकारियों की औपचारिक उपस्थिति तक ही सीमित है, शेष दिनों में यहां ध्यान नहीं दिया जाता। शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों से मांग की है कि शहीदी पार्क की साफ-सफाई और रखरखाव के लिए विशेष अभियान चलाकर इसे सम्मानजनक रूप दिया जाए, ताकि शहीदों की स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सकें।00
हाल ही में जानकारी मिली है। नगर पालिका सचिव को तुरंत प्रभाव से गंदे पानी की निकासी के प्रबंध करने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शहीदी पार्क के सौंदर्य करण करने को लेकर नपा के अधिकारियों के साथ एक बैठक लेकर इसे बेहतर बनाया जाएगा।
लक्ष्मी नारायण, एसडीएम, फिरोजपुर झिरका