गुरुग्राम। पूर्व सांसद राज बब्बर ने शहर की आबोहवा की स्थिति पर सरकार से तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद गुरुग्राम की गिनती आज भी प्रदूषित शहरों में हो रही है। उन्होंने शहर में हर मानसून में होने वाले जलभराव, टूटी सड़कों और नालों की सफाई न होने को लेकर सवाल उठाए। पूर्व सासंद ने सवाल पूछे कि यह राशि कहां खर्च हुई, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है और वैश्विक स्तर पर भी प्रदूषण के मामले में इसकी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बढ़ते ट्रैफिक दबाव पर चिंता जताते हुए कहा कि लोग करोड़ों रुपये खर्च कर यहां फ्लैट खरीद रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें प्रदूषण और अव्यवस्था मिल रही है। आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। बरसात के दौरान हालात पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने मुंबई का उदाहरण दिया और कहा कि वहां चार महीने तक बारिश होती है, फिर भी शहर ठप नहीं होता, जबकि गुरुग्राम में हल्की बारिश में ही जाम की स्थिति बन जाती है। इससे स्पष्ट है कि जल निकासी व्यवस्था में खामियां हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए मेवात तक नहर बनाई जाए। साथ ही सीवरेज लाइनों के समानांतर नई लाइन डालकर उन्हें आपस में जोड़ा जाए, जिससे पानी का दबाव कम हो और निकासी आसान हो सके। बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों के आशियानों को गिराने से बचना चाहिए। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में थाली बजवाई गई थी, लेकिन अब उसी थाली में रोटी का इंतजाम जरूरी है। इस दौरान जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संवाद