पांच को सुधार का दिया मौका. अधिकारियों ने खेल नर्सरियों का किया था औचक
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए शुरू की गई खेल नर्सरियों में सामने आ रही अनियमितताओं पर खेल विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में संचालित विभिन्न खेल नर्सरियों की जांच के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने के बाद विभाग ने दो नर्सरियों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है, जबकि पांच अन्य नर्सरियों को अंतिम चेतावनी देते हुए सुधार का मौका दिया है।
विभागीय अधिकारियों ने हाल ही में जिले की विभिन्न खेल नर्सरियों का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान पाया गया कि जैकबपुरा स्थित सरकारी स्कूल के नाम पर स्वीकृत वेटलिफ्टिंग नर्सरी निर्धारित स्थान की बजाय नेहरू स्टेडियम से संचालित की जा रही थी। इसके अलावा वहां निर्धारित नियमों के अनुसार कोचिंग व्यवस्था भी नहीं थी। विभाग की ओर से इस संबंध में संबंधित संचालकों और प्रशिक्षकों को पहले भी तीन बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके चलते विभाग ने नर्सरी को बंद करने का निर्णय लिया।
इसी प्रकार नेहरू स्टेडियम में संचालित लॉन टेनिस नर्सरी में भी निरीक्षण के दौरान न तो प्रशिक्षक मौजूद मिला और न ही खिलाड़ियों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। लगातार मिल रही शिकायतों और बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने पर इस नर्सरी को भी बंद कर दिया गया। विभागीय जांच में पंचायतों के माध्यम से संचालित पांच अन्य खेल नर्सरियों में भी कई तरह की कमियां सामने आई हैं।
कहीं खेल उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली तो कही प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त मैदान उपलब्ध नहीं था। कुछ स्थानों पर खिलाड़ियों की संख्या भी निर्धारित मानकों से कम पाई गई। इन सभी मामलों में संबंधित संचालकों और प्रशिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन पांचों नर्सरियों का अगले सप्ताह दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि उस जांच के दौरान कमियां बरकरार मिलीं तो विभाग इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द करने और नर्सरी बंद करने का फैसला ले सकता है।
नर्सरी में कम से कम 25 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना अनिवार्य
जिले में वर्तमान में 37 निजी खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं। नियमानुसार प्रत्येक नर्सरी में कम से कम 25 खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। खेल विभाग खिलाड़ियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। जिन नर्सरियों में अनियमितताएं मिली हैं, उन्हें सुधार के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए थे, लेकिन नियमों की लगातार अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पांच नर्सरियों को अंतिम अवसर दिया गया है और अगले सप्ताह दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि कमियां दूर नहीं हुई तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी