गुरुग्राम के डीएलएफ स्थित कार्लटन एस्टेट सोसाइटी में चार मई की रात 11वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाले 12वीं कक्षा के छात्र का मामला सोशल मीडिया पर चर्चित हो रहा है। मृतक के दोस्तों ने किशोरी के आरोपों को गलत बताते हुए इंस्टाग्राम पर इंसाफ की मुहिम शुरू कर दी। ट्विटर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
वहीं, किशोर के पिता ने भी गुरुग्राम पुलिस को शिकायत देकर विवादित पोस्ट करने वाली किशोरी और उसके दोस्तों तथा इंस्टाग्राम पर कार्रवाई की मांग की है। आत्महत्या करने वाले किशोर के दोस्त ऋषि सिंह ने इंस्टाग्राम पर सात स्लाइड पोस्ट की हैं।
इसमें उसने कहा कि किशोरी द्वारा उसके दोस्त पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और झूठे आरोप लगाकर ब्वॉयज लॉकर रूम से जोड़कर झूठा प्रचार किया गया। इससे उसकी बदनामी हुई और उसने तंग आकर जान दे दी। ऋषि सिंह के इन पोस्ट पर गुरुवार शाम पांच बजे तक 10,943 कमेंट, 3.22 लाख लाइक्स आए थे।
कुछ दिनों पहले दिल्ली पुलिस ने इंस्टाग्राम पर ब्वॉयज लॉकर रूम का खुलासा किया था। इसमें किशोरों द्वारा लड़कियों पर आपत्तिजनक कमेंट और फोटो लीक करने की बात सामने आई थी। इसके बाद एक किशोरी ने इंस्टाग्राम पर गुरुग्राम के किशोर पर दो वर्ष पहले उससे छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए थे। इस पोस्ट के सामने आने के बाद किशोर ने चार मई की रात खुदकुशी कर ली थी।
इंस्टाग्राम पर दोस्त के पोस्ट आने के बाद पुलिस की साइबर सेल मृतक का मोबाइल, इंस्टाग्राम अकाउंट समेत अन्य सोशल मीडिया हैंडल खंगाल रही है। किशोरी के विवादित पोस्ट पर जिन यूजर्स के कमेंट आए हैं, उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
मृतक के पिता ने इंस्टाग्राम समेत पोस्ट करने वाली किशोरी और उसके दोस्तों के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने कहा कि उनके बेटे को उन लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रताड़ित किया जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली।
किशोर के पिता ने कहा कि ऐसी घटना किसी अन्य के साथ न हो। इस तरह की अप्रिय घटना को रोकने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया के साथ सरकार और अन्य एजेंसियों की है। उन्होंने कहा कि किसी ने इंस्टाग्राम स्टोरी बनाई और लाइक्स व कमेंट के लिए स्टोरी को सनसनीखेज बनाते हुए झूठे आरोप मेरे बेटे पर लगाए जबकि वह ऐसा नहीं था।
वहीं मामला हाई प्रोफाइल बनने के कारण में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। इस मामले में अब पुलिस अधिकारी कुछ भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं और उनका कहना है मामले की जांच जारी है।