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Gurugram News: सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल, रोकने पर धरने पर बैठे

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सोनम की पत्नी से मुलाकात के बाद वापस लौटे सांसद
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51 सांसदों ने वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सोनम वांगचुक से मिलने के लिए बुधवार शाम 6 बजकर 50 मिनट पर 15 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल पहुंचा जहां पर पुलिस बल ने उन्हें भीतर आने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि कोई ब्लड रिलेशन से ही संबंधित व्यक्ति उनसे मिल सकता है जिस पर उन्होंने कहा कि उनके पास 51 सांसदों का एक पत्र है, जिसमें उनके अनशन तोड़ने के बारे में लिखा गया है। वह इसे सोनम वांगचुक को देना चाहते हैं। पुलिस के विरोध के बाद आप के सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में सभी लोग गेट के पास धरने पर बैठ गए। अस्पताल के भीतर से सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि मौके पर पहुंचीं जिनसे बातचीत के बाद सांसद वापस दिल्ली पहुंच गए।
बता दें कि हाईकोर्ट के निर्देश पर मंगलवार की रात आठ बजे सोनम वांगचुक को मेदांता के आईसीयू में 166 नंबर बेड पर भर्ती कराया गया है। उनसे मंगलवार की रात को ही भाजपा के सांसद जेपी नड्डा भी मिलने आए थे। वह करीब 15 मिनट तक मेदांता अस्पताल में थे।
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अस्पताल के बाहर ही पुलिस बल ने विपक्षी सांसदों को रोक लिया कि वे अंदर नहीं जा सकते। विपक्षी सांसदों ने कहा कि वे 51 सांसदों की साइन की हुई चिट्ठी लेकर आए हैं और सोनम वांगचुक से मिलकर अनशन तोड़ने की अपील करना चाहते हैं। अंदर नहीं जाने देने पर सांसद अस्पताल के बाहर ही बैठ गए। कुछ देर बाद डॉक्टरों का ग्रुप उनसे मिलने आया तो भी सांसद नहीं उठे। फिर सोनम वांगचुक की पत्नी आईं तो सांसदों ने उन्हें चिट्ठी देकर कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए अहमियत रखते हैं और देश को उनकी जरूरत है, उन्हें अनशन तोड़ देना चाहिए। सोनम वांगचुक की पत्नी ने कहा कि मैं उनको ये चिट्ठी देकर आपका संदेश बता दूंगी। उन्होंने ये भी मांग रखी कि धरने पर बैठे युवाओं व लोगों पर अब किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं होना चाहिए।
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सोनम वांगचुक का उपचार मेदांता में चल रहा है। सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आया था जिनको अस्पताल प्रबंधन की गाइड लाइन के हिसाब से मिलने से रोका गया था। सांसदों की ओर से लिखे गए पत्र को उनकी पत्नी के माध्यम से उनके पास भेज दिया गया है।
- संदीप कुमार, डीसीपी ईस्ट, गुरुग्राम
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