गुरुग्राम सेक्टर-53 थाना क्षेत्र में मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव ने कंपनी को साढ़े पांच साल तक धोखे में रखकर 1.30 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। आरोपी जनवरी 2018 से कंपनी से प्रोडक्ट डिलीवरी कराता रहा और रुपये कंपनी में जमा नहीं कराए। कंपनी प्रबंधन ने जब प्रोडक्ट संबंधी हिसाब जोड़ा तो 1.30 करोड़ रुपये की गड़बड़ी मिली। गुरुग्राम पुलिस की ईओडब्ल्यू-1 शाखा ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-54 स्थित सोसाइटी निवासी जिन ली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी में आनंद व्यास नामक युवक मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव था। आनंद व्यास ने जनवरी 2018 से 30 जून 2024 तक कंपनी के लिए काम किया। आनंद व्यास कंपनी के प्रोडक्ट की डिलीवरी कराता। इनमें से कुछ पेमेंट आ जाती बाकी बकाया रह जाती। इस तरह आनंद व्यास पर कंपनी की बकाया पेमेंट बढ़ती रही। जब भी आनंद से इस बाबत बात की जाती तो वह मार्केट में पेमेंट रुकी होने की बात कहता। जब यह पेमेंट 1.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गई तो आनंद व्यास से पेमेंट जमा कराने को कहा गया, तो आनंद ने कंपनी छोड़ दी। जब मार्केट में कंपनी कस्टमर से बकाया पेमेंट की बात की गई तो पता चला कि उनकी ओर से पेमेंट हो चुकी थी। किसी भी कस्टमर पर कंपनी की तरफ से कोई बकाया नहीं था। कंपनी द्वारा छानबीन में सामने आया कि आनंद ने कंपनी के कुल 15,129 प्रोडक्ट की डिलीवरी कराई थी। इसमें 1.30 करोड़ रुपये की पेमेंट कंपनी में जमा नहीं कराई गई। सेक्टर-53 थाना में शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच की जिम्मेदारी ईओडब्ल्यू-1 शाखा की टीम को सौंपी गई है।
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि ईओडब्ल्यू-1 शाखा की पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कंपनी के अकाउंट भी खंगाल रही है। मामले में अलग-अलग बिंदुओं के तहत जांच की जा रही है।