- दो दशक बाद भी नहीं हुआ खेल स्टेडियम का उद्घाटन, स्टाफ की कमी से जूझ रहा विभाग
रिजवान खान
नगीना। कस्बे में करोड़ों रुपये की लागत से बने राजीव गांधी खेल परिसर अनदेखी का शिकार हो रहा है। स्टाफ की नियुक्ति से लेकर सुविधाओं की तरफ सरकार व खेल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। खेल स्टेडियम में कोच से लेकर बिजली, पानी और शौचालय तक की सुविधा नहीं है। परिसर में खेल का सामान भी मयस्सर नहीं हो पाया है। यही नहीं खेल का मैदान समतल नहीं है। ऐसे में खेल प्रतिभाएं कैसे निखरेंगी।
दो दशक बाद भी खेल स्टेडियम को उद्घाटन का इंतजार
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में बने खेल परिसर का अबतक उद्घाटन नहीं हुआ है। उद्घाटन से पहले ही स्टेडियम की हालत बद से बदतर हो चुकी है। स्टाफ की कमी की वजह से खेल विभाग का खेल परिसर पर कोई ध्यान नहीं है। कोच और ग्राउंड्मैन तो दूर चौकीदार, चपरासी तक की नियुक्ति खेल परिसरों में नहीं की गई है। वहीं नगीना स्थित खेल परिसर में बाक्सिंग को छोड़कर किसी प्रकार की कोई गतिविधि नजर नहीं आती है। राशीद खान, इस्लाम, रहीस व नासिर हुसैन सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि सरकार से लगातार खेल स्टेडियमों की कायापलट से लेकर स्टाफ की नियुक्ति की मांग की जा रही है। जिले को वजूद में आए करीब 20 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक क्रिकेट सहित कई जिला इकाईयों को मान्यता तक नहीं मिल पाई।
स्थानीय युवकों का कहना है कि जिला बने पलवल को भी क्रिकेट सहित कई खेलों की जिला इकाई को मान्यता मिली, लेकिन मेवात से नूंह हुए जिले की खेल इकाइयों को मान्यता नहीं दी गई। एक राजीव गांधी खेल परिसर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई। जिला स्तरीय स्टेडियम इस जिले में आज तक नहीं बन पाया है। क्षेत्र के लोगों ने पिनगवां के खेल परिसर में जल्द से जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है जिससे क्षेत्र के बच्चों की प्रतिभा को निखारा जा सके।
खेल स्टेडियम की हालात खराब है क्योंकि रखरखाव के लिए कर्मचारी नहीं है। जल्द ही स्टेडियमों की मरम्मत की जाएगी। इसके लिए कागजी कार्यवाही चल रही है। - मनोज, डीएसओ नूह।