पब और बार में शराब की आड़ में चल रहा ड्रग्स का कारोबार
-चोरी छिपे उपलब्ध कराया जा रहा फ्लेवर हुक्का, कोकीन और अन्य नशे की सामग्री
गांजे की भी तस्करी बढ़ी, चाय की दुकानों पर भी उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में ड्रग्स का कारोबार फैल रहा है। अब इसमें अफ्रीकी मूल के नागरिक तेजी से अपना नेटवर्क फैलाने के साथ कारोबार फैला रहे हैं। इस बात की पुष्टि गुरुग्राम-फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई में मारे गए अफ्रीकी मूल के युवक की मौत से भी होती है। जानकारों की मानें तो शहर के पब-बार में शराब परोसने की आड़ में ड्रग्स का कारोबार फल फूल रहा है। यहां न केवल कोकीन बल्कि फ्लेवर हुक्का भी चोरी छिपे परोसा जा रहा है। यह सुविधा कुछ चुनिंदा हाई प्रोफाइल लोगों के लिए ही उपलब्ध होती है। दिल्ली में नशीले पदार्थ तस्करी की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अलग सेल बनाया हुआ है, जबकि एनसीआर के दूसरे शहरों में यह नहीं है। यहां से यह अपने नेटवर्क के जरिए ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं। इसके अलावा शहर में गांजे की तस्करी भी काफी बढ़ी है। आलम यह है कि ज्यादातर चाय की दुकानों पर गांजा आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
सूत्रों ने बताया कि ड्रग्स के कारोबार में अफ्रीकन शामिल हैं। इसमें नाइजीरिया, घाना सहित इंडोनेशिया आदि देशों से ड्रग्स भारत में भेजी जाती है। ड्रग्स भारत में भेजने से पहले उन स्थानों की रेकी करवाई जाती है जहां सुरक्षा पुख्ता न हो। सूत्रों की मानें तो इस कार्य के लिए विदेशी उन एयरपोर्ट, बंदरगाह के जरिए भारत में प्रवेश करते हैं जहां सुरक्षा नाम के लिए होती है। ज्यादातर ड्रग्स बंदरगाह, पंजाब, राजस्थान बॉर्डर सहित नेपाल के रास्ते से भारत में लाई जाती है। उधर, हिमाचल में तिब्बत बॉर्डर के जरिए भी तस्करी की जाती है। बंग्लादेश के कुछ गांव ऐसे हैं जिनकी सीमा पर कोई तारबंदी नहीं है और यहां से कोई भी व्यक्ति आसानी से देश में प्रवेश कर सकता है। इसका फायदा भी यह तस्कर उठाते हैं।
-पब व बार में चेकिंग के बाद भी हाथ खाली
शहर में बने पब व बार में दिल्ली, एनसीआर के लोग आते हैं। इसके साथ ही इनमें विदेशी भी आते हैं। सूत्रों की मानें तो पब व बार में आने वाले विदेशियों द्वारा ड्रग्स की सप्लाई इन्हीं स्थानों पर की जाती है। सीधे तौर पर संपर्क रखने वाले ग्राहकों को भी पब में ही बुलवा लिया जाता है। ड्रग्स के नए ग्राहक बनाने के लिए उनसे पहले दोस्ती की जाती है। विश्वास हो जाने पर ही उन्हें ड्रग्स उपलब्ध कराई जाती है। सूत्रों की मानें तो अनेक हाई प्रोफाइल लोगों को ड्रग्स की सप्लाई पब संचालकों के माध्यम से करवाई जाती है। हैरत की बात यह है कि पुलिस द्वारा बार में छापेमारी के बावजूद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पकड़े थे हुक्का बार
शहर में चोरी छिपे हुक्का बार भी चल रहे हैं। फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन ने पिछले वर्ष पालम विहार, सोहना रोड पर अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार पर छापेमारी की थी। यहां से अनेक विदेशी फ्लेवर्ड तंबाकू बरामद किए थे। तीन स्थानों पर कार्रवाई के बाद भी पुलिस नहीं चेती थी। केवल मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आज तक इन तंबाकू के उपलब्ध होने के स्थान का पता ही नहीं लगाया है।
कोट
पब और बार में समय-समय पर जांच की जाती है। फरीदाबाद में पकड़े गए नाइजीरियाई से कुछ सुराग मिले हैं। इस पर भी काम किया जा रहा है। मोबाइल की कॉल रिकॉर्ड आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- शमशेर सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध)