गुरुग्राम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस कुंडू की अदालत में सोमवार को प्रिंस हत्याकांड मामले में आरोपी भोलू की जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) बोर्ड से खारिज जमानत याचिका की अपील पर सुनवाई हुई।
अदालत ने भोलू की जमानत अपील खारिज कर दी। आरोपी भोलू के बालिग व नाबालिग होने के मामले में मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में सुनवाई होगी। इस दौरान आरोपी भोलू को भी बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
भोंडसी स्थित विद्यालय में दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या मामले में आरोपी भोलू के परिजनों ने 30 अक्तूबर को जेजे बोर्ड में जेजे एक्ट के सेक्शन 12 के तहत नियमित जमानत याचिका दायर की थी, जिसे बोर्ड ने खारिज कर दिया था।
सीबीआई ने अपने जवाब में अदालत को बताया कि आरोपी ने साजिश के तहत प्रिंस की हत्या की है और अपने नाबालिग होने का फायदा उठाकर सजा से बचना चाहता है। जांच के दौरान पाया गया कि उसने मारने के लिए जहर, फिंगरप्रिंट हटाने के तरीकों को इंटरनेट पर सर्च किया।
सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि जांच के दौरान पाया गया है कि कुछ गवाहों पर अपनी गवाही बदलने के लिए दबाव बनाया गया है। ऐसे में उसे जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले की संगीनता को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
आज जेजे बोर्ड में होगी सुनवाई
आरोपी भोलू के परिजनों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उस पर नाबालिग की तरह मुकदमा चलाए जाने की गुहार लगाई थी। इस पर हाईकोर्ट ने मामले को वापस जेजे बोर्ड में भेजते हुए आरोपी का मूल्यांकन कर दोबारा रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि आरोपी पर मुकदमा बालिग की तरह चलाया जाए या नाबालिग की तरह। मंगलवार को मामले की सुनवाई होगी।