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नौकरी के नाम पर फर्जी वीजा से भेजा विदेश, मानव तस्करी का आरोप

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फर्जी वीजा से भेजा विदेश, मंत्रालय की मदद से पहुंचे वापस
नौकरी के नाम पर मानव तस्करी का आरोप
-विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग एजेंसियों ने लिए थे करोड़ों रुपये

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। कनाडा व इराक में नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जी वीजा से एक दर्जन से अधिक लोगों को भेजने व उनसे करोड़ों रुपये ठगने सहित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। विदेश मंत्रालय की शिकायत पर सुशांत लोक व सदर थाना पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला सुशांत लोक थाना क्षेत्र का है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी एमए विनोद ने सुशांत लोक थाना पुलिस को बताया कि मंत्रालय को पिछले वर्ष केरल निवासी के ए पाले सहित एक दर्जन लोगों ने फरवरी 2017 में शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स डीएलएफ फेस-5 स्थित करियर-अप कंसलटेंसी ने उन्हें कनाडा भेजने और नौकरी लगवाने का आश्वासन देकर 75 लाख रुपये ले लिए। यहां से उन्हें पहले बैंकॉक भेजा गया। वहां दो दिन तक घुमाया। इसके बाद कंसलटेंसी के कर्मी फरार हो गए। बैंकॉक पहुंचकर पता लगा कि उन्हें तस्करी करने के लिए टूरिस्ट वीजा पर लाया गया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। मंत्रालय ने सहायता कर उन्हें वापस भारत बुलवाया। शिकायत पर जांच में मंत्रालय ने पाया कि यह एजेंसी मंत्रालय में रजिस्टर्ड ही नहीं है। उन्होंने पुलिस को इनके खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की।
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वहीं, सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अक्तूबर 2016 गुरुग्राम पार्क अस्पताल की तीन स्टाफ व फरीदाबाद की एक स्टाफ नर्स ने शिकायत दी। इसमें कहा कि एक निजी अस्पताल के आईसीयू इंचार्ज ने उन्हें डी रंजन नाम के ट्रेवल एजेंट से मिलवया। वह सफल इंटरनेशनल के नाम से चेन्नई में एजेंसी चला रहा है। डी. रंजन ने बताया उन्हें बताया कि ब्रूनई देश में स्टाफ नर्स की नियुक्ति निकली है। आवेदन करने के लिए उन्हें एक वेबसाइट भी बताई। आवेदन करने पर उनका सिलेक्शन हो गया। एजेंसी ने उनसे पासपोर्ट, वीजा प्रोसेसिंग फीस के नाम पर प्रति व्यक्ति 2.5 लाख रुपये वसूल किए। अक्तूबर 2016 में उन्हें नौकरी के लिए ब्रूनई भेज दिया गया। वहां जाकर पता लगा कि उनका वीजा फर्जी है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से बात की और वापस आए। उन्होंने बताया कि एजेंसी के जरिए वहां करीब 14 अन्य युवतियां भी फंसी हुई हैं, जिन्हें भी अस्पताल में नर्स लगाने का करार कर भेजा गया था। मंत्रालय ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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