बंगाली बनकर रह रहे बांग्लादेशियों को तलाशेगी पुलिस
गुरुग्राम। लश्कर सरगना हाफिज सईद के फाइनेंसर जहूर अहमद शाह वटाली की गुरुग्राम में संपत्ति मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस भी सतर्क हो गई है। पुलिस ने अब उन लोगों पर भी नजर रखना शुरू कर दिया है जो स्वयं को पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी बताते हैं, लेकिन असल में वह बांग्लादेश के निवासी हैं। बांग्लादेशियों के पाकिस्तान से कनेक्शन को जोड़ते हुए पुलिस ने उन सभी क्षेत्रों में नजर रखनी शुरू कर दी है, जिसमें वह रहते हैं। पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल का कहना है कि शहर व देश की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की जांच की योजना तैयार की जा रही है। सभी थाना पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। वर्ष 2018 में पुलिस ने करीब एक दर्जन बांग्लादेशियों को गुरुग्राम में पकड़ा था, जिन्हें विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। इन्हें भारत से वापस भेजने के लिए संबंधित अधिकारियों से पुलिस ने बात भी की थी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो जिले में करीब 10 लाख से अधिक प्रवासी रहते हैं। इसमें 1 लाख से अधिक प्रवासी पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। पश्चिम बंगाल के निवासियों की आड़ लेकर कुछ बांग्लादेशी भी गुरुग्राम में आकर बस गए हैं। सूत्रों की मानें तो अनेक बांग्लादेशियों ने फर्जी तरीके से पश्चिम बंगाल के दस्तावेज भी बनवाए हुए हैं। शहर की रेकी करने के उद्देश्य से यह कूड़ा बीनने सहित कुछ ऐसे कार्य करते हैं, जिससे किसी भी व्यक्ति को उन पर शक न हो और पुलिस की नजर से दूर ही रहें। अगस्त 2018 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुग्राम से लश्कर सरगना हाफिज सईद के फाइनेंसर जहूद अहमद शाह वटाली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शहर की पुलिस कुछ दिन तो सक्रिय रही थी, लेकिन बाद में समय के साथ-साथ ढिलाई बरतने लगी, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद पुलिस एक बार फिर सक्रिय हो गई।
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