निगम ने लक्ष्य पूरा करने को बनाया था चोरी का केस
गुरुग्राम। सिविल जज सुषमा की अदालत ने बिजली चोरी के मामले में सुनवाई करते हुए बिजली निगम अधिकारियों को झूठा केस बनाने पर फटकार लगाई है। अदालत ने बिजली निगम को उपभोक्ता द्वारा जमा कराई गई राशि को 12 फीसदी ब्याज के साथ वापस करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि निगम ने अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए झूठा केस बनाया।
पीड़ित के अधिवक्ता क्षितिज मेहता ने बताया, बिजली निगम ने नूरपुर निवासी राज कपूर के घर 20 अगस्त 2016 को छापा मारा था। इस दौरान बिजली मीटर के पास तार में लगे जोड़ को देखकर बिजली चोरी करने का आरोप लगा 1,04344 रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माना भरने के बाद पीड़ित ने बिजली निगम के खिलाफ अदालत में 26 अगस्त को याचिका दायर की। जांच में पाया गया कि निगम ने चोरी पकड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए झूठा केस दायर किया था।