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मनीष को चाकू गोदकर, पिंकी को फांसी, फूलवती व चारू को डंडे से पीटकर हुई हत्या

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ब्रिजपुरा हत्याकांड :
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मनीष को चाकू से गोदा, मां और बेटी को डंडे से पीटकर ली गई जान
-मेडिकल बोर्ड ने चारों शवों का पोस्टमार्टम किया, बृहस्पतिवार को कर दिया गया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम/पटौदी। गांव ब्रिजपुरा में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या अलग-अलग तरीके से हुई है। मनीष को चाकू गोदकर, पिंकी को फंदे पर लटकाकर, फूलवती व चारू को डंडे से पीटकर हत्या की गई है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में सामने आया कि चारों की हत्या के तरीके भी अलग-अलग हैं। मनीष (25) के शरीर को चाकू से करीब 30 बार गोदा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। बृहस्पतिवार देर शाम चारों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्या के मामले में पुलिस ने 4 टीमें गठित की हैं।
उधर, बुधवार देर रात पुलिस ने मृतक के भाई को शक के घेरे में लेकर करीब 3 घंटे तक पूछताछ भी की। इस घटना ने पुलिस के सामने अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को हत्या के कारणों का ही पता नहीं लग पा रहा है। उधर, ग्रामीणों की मानें तो बुधवार को दिन में एक अंजान गाड़ी भी गांव में देखी गई थी जिसका कुछ पता नहीं लग पाया है।
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बुधवार देर शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव ब्रिजपुरा में एक ही घर के तीन सदस्यों की हत्या कर दी गई है। वारदात मेें एक साल की बच्ची घायल है। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले गई। पटौदी अस्पताल में बच्ची की हालत देखते हुए गुरुग्राम रेफर कर दिया गया, जहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मनीष और पिंकी के मासूम बेटे की जान बच गई, दरअसल वह वारदात के वक्त घर में नहीं था।
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मनीष के शरीर पर मिले 30 बार चाकू गोदने के निशान
मेडिकल बोर्ड ने चारों शवों का पोस्टमार्टम किया। बोर्ड में फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. दीपक माथुर, आरएमओ डॉ. पवन चौधरी शामिल रहे। डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि मनीष के शरीर पर चाकू से गोदने के करीब 30 निशान हैं। उसकी गर्दन भी चाकू से काटी गई है। देखने में प्रतीत हो रहा है उसका गला काटने के बाद भी उसके मरने तक लगातार चाकू गोदे गए हैं। पिंकी (23) की मौत फांसी पर लटकने से हुई। उसके शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं है। उल्टे हाथ की कलाई को काटा गया है। फूलवती (62), चारू (1) के सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया है। आंतरिक रूप से खून अधिक बहने पर दोनों की मौत हुई हैं।
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पुलिस के सामने कई सवाल
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पुलिस के हाथ-पांव फुला दिए हैं। परिवार की किसी से रंजिश न होने की बात सामने आई है। ऐसे में हत्या क्यों की गई? यह बड़ा सवाल है। हत्या से पहले रेकी किए जाने की बात को भी नकारा नहीं जा सकता। किन लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। हत्यारों की संख्या कितनी थी। इन सवालों के जवाब ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती है।

बच्ची चारू को दफनाया गया
बुधवार को करीब ढाई घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब ढाई बजे शव परिजनों को सौंप दिए गए। शव के गांव में पहुंचते ही लोग भावुक हो उठे। मृतक मनीष के बड़े भाई अशोक ने मनीष, पिंकी व फूलवती के शव को मुखाग्नि दी। जबकि बच्ची चारू को दफनाया किया गया।
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बयान
आरोपियों की तलाश में तीन टीमें बनाई गई हैं। जिन पर भी शक है उनसे पूछताछ भी की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं लग पाया है। जल्द ही हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा।
- शमशेर सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध)
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