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Gurugram News: दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने सुनाई दस साल की सजा

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सात साल बाद पीड़ितों को मिला न्याय, सास को सबूतों के अभाव में किया बरी
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संवाद न्यूज ऐजेंसी
नूंह। नगीना के गांव सुखपुरी में 2017 में हुई दहेज हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने पति को दोषी मानते हुए शनिवार को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में अदालत ने आरोपी सास को सबूत के अभावों में बरी कर दिया है। पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस। तीन को पहले ही पाया गया था निर्दोष।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत के उप जिला न्यायावादी संदीप लाम्बा ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर, 2017 को नगीना खंड के गांव सुखपुरी में फंदा लगाकर एक महिला द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। मृतका के परिजनों ने इसे दहेज हत्या बता कर शिकायत दी थी। मृतका के पिता की शिकायत पर नगीना थाना पुलिस ने महिला के पति सुधीर सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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नगीना थाना पुलिस ने इस मामले में महिला के पति सुधीर व सास जगनवती सहित पांच के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया। पुलिस जांच में तीन आरोपियों को निर्दोष पाया गया जबकि पति व सास को आरोपी माना। करीब एक साल बाद पति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जुटाए गए सभी सबूतों के आधार पर अदालत में मजबूती से पैरवी की गई। करीब सात साल तक अदालत में मामले की सुनवाई हुई। उप जिला न्यायवादी ने बताया कि अदालत ने जगनवती को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। जबकि दो जनवरी को पति को दोषी करार दिया। शनिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने दोषी सुधीर को दस वर्ष कारावास की सजा का फैसला सुना दिया। करीब सात साल बाद मिले न्याय के लिए पीड़ित पक्ष ने अदालत का आभार जताया है।
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यह है मामला
गांव बढ़ा, थाना शेरगढ़, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले बिजेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि बेटी निर्मला की शादी सुधीर निवासी गांव सुखपुरी, थाना नगीना के साथ हुई थी। ससुराल पक्ष के लोग शादी में दिए गए दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे। शादी के कुछ दिन बाद ही वह बेटी को पांच लाख रुपये नकद और एक कार की मांग करते हुए प्रताड़ीत करने लगे। कई बार पंचायती स्तर पर विवाद का समाधान करने का प्रयास किया गया। 27अक्टूबर, 2017 को उन्हें सूचना मिली कि ससुराल में बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। लेकिन, दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण निर्मला की ससुराल के लोगों ने हत्या कर दी थी। इसलिए उन्होंने दहेज हत्या की शिकायत की और अब न्याय मिला है।
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