एल्विश प्रकरण : पीपल फॉर एनिमल के सदस्यों ने पुलिस की एटीआर पर उठाए थे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एल्विश यादव मामले में सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार राणा की अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए अब पांच मार्च की तारीख तय की है। पांच मार्च को अदालत अपना फैसला सुना सकती है। एक गाने की शूटिंग के दौरान सांपों के इस्तेमाल पर एल्विश यादव मामले में कोर्ट में पेश की गई पुलिस की एटीआर पर पिछली सुनवाई में पीपल फॉर एनिमल की ओर से एटीआर के विभिन्न बिंदुओं पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पीएफए के सदस्यों का कहना था कि पुलिस इस मामले को जान बूझकर खींचते हुए आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। पुलिस को चाहिए कि मामले में तत्काल ही एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जाए। याचिकाकर्ता पीपल फॉर एनिमल के पदाधिकारी सौरभ गुप्ता ने बताया कि अब फोरेंसिक लैब से नोएडा में पकड़े गए सांपों के जहर की रिपोर्ट सकारात्मक आई है। करैत सांप के जहर के साथ एल्विश का वीडियो है, जिसे ड्रम में बंद किया हुआ था। साथ ही यह भी बताया कि जिस हार्दिक के पास अनुमति थी, उसके खिलाफ मोहाली में केस दर्ज हो गया है। यह वही हार्दिक है जो एल्विश व सिंगर राहुल यादव फाजिलपुरिया के साथ गाने की शूटिंग के दौरान था। उन्होंने यह भी कहा कि अनुमति सांपों को रखने के लिए थी व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं । कोर्ट ने इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
पीएफए ने उठाए थे यह सवाल
- मुख्य वन्यजीव वार्डन ने सांपों की अनुमति किसी तीसरे व्यक्ति को दी थी। जबकि तीसरे व्यक्ति ने चौथे व्यक्ति हार्दिक आनंद को दी थी।
- गाने की शूटिंग बादशाहपुर के निर्माणाधीन मॉल में हुई, जबकि अनुमति स्कूल परिसर की थी।
- डिप्टी कमिश्नर की अनुमति में कही भी वन्य जीवों को लाने व इस्तेमाल करने का जिक्र नहीं है।
- मुख्य वन्यजीव वार्डन ने ओडिशा से तीन सांपों को लाने की अनुमति दी थी, जबकि वीडियो में 20 सांप थे। इनमें से कुछ नोएडा व मोहाली से बरामद कर लिए गए थे।