फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: रिश्वत लेने के मामले में आरोपी जेई को अदालत ने किया बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
बिना अनुमति बन रहे भवन के निर्माण को न रोकने के लिए मांगी थी रिश्वत
विज्ञापन

2015 में दर्ज हुआ था मामला

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिना अनुमति बन रहे घर के निर्माण को न रोकने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी जेई को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी दिलबाग पर आरोप सिद्ध नहीं कर सका। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश अमित गौतम की अदालत ने दिया है।

23 दिसंबर 2011 को विजिलेंस ब्यूरो गुरुग्राम की शिकायत पेटी में एक बॉक्स में सीडी मिली थी। सीडी की जांच की गई तो उसमें गुरुग्राम तोड़फोड़ दस्ते के जेई दिलबाग द्वारा रिश्वत लेने की बात थी। ओम प्रकाश कटारिया की तरफ से ईस्ट राजीव नगर में बिना अनुमति के भवन बनाया जा रहा है। इस भवन के निर्माण के लिए तत्कालीन राज्य मंत्री सुखबीर कटारिया ने नगर निगम गुरुग्राम को पत्र लिखा था। इस पर 20 अक्तूबर 2009 को ओम प्रकाश कटारिया को निगम की तरफ से पत्र भेजा गया था। दूसरा नोटिस मिलने के बाद ओम प्रकाश निगम के कार्यालय में पेश हुए। बाद में उनसे जेई दिलबाग ने उनके भवन के निर्माण को न रोकने की शर्त पर 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ओम प्रकाश ने एक टाइल के शोरूम में जेई को 1.50 लाख रुपये दिए थे। उसकी वीडियो बनाई गई थी। सरकार से अनुमति मिलने के बाद जेई पर मामला 2015 में दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि शिकायतकर्ता की तरफ से दी गई वीडियो में घटना पूरी नहीं दिख रही है। सिर्फ रुपये देते हुए दिखाई दे रहे है लेकिन किस लिए दिए जा रहे हैं और वह रुपये जेई ने नहीं लिए। वहां पर मौजूद दूसरे युवक ने लिए हैं। उसको जांच में भी शामिल नहीं किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें