फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्षदों ने दिया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी का सुझाव

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए प्रस्तावित बजट पर चर्चा के लिए नगर निगम की तरफ से बुधवार को भी सेक्टर-18 स्थित हरियाणा लोक प्रशासन प्रशिक्षण संस्थान में बैठक की गई। बैठक में मेयर मधु आजाद समेत वार्ड पार्षद मौजूद रहे। निगम प्रशासन इस बार पुराने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स व स्टांप ड्यूटी को बजट में आय के मुख्य स्त्रोत के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है।
विज्ञापन

बैठक में मेयर और निगम के अधिकारी पार्षदों के सवालों के जवाब ठीक से नहीं दे पाए। पार्षदों का सवाल था कि इस साल के बजट में 3500 करोड़ की प्रस्तावित आमदनी में से मात्र 613 करोड़ की आमदनी हुई। अगले वित्तीय वर्ष में क्या गारंटी है कि 4700 करोड़ की आमदनी होगी। इस बार न तो स्टांप ड्यूटी के 2000 करोड़ नगर निगम को मिले और न ही टैक्स की वसूली हो पाई।
बैठक में निगम पार्षदों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। पार्षद आरएस राठी ने सरकार की तरफ से समय-समय पर दी जाने वाली छूट का हवाला देते हुए ब्याज न लेने का सुझाव दिया। निगम की तरफ से फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) टैक्स को महज 50 करोड़ दिखाया गया जो 200 करोड़ है। इस बारे में आरएस राठी ने स्थिति स्पष्ट की। आरएस राठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में पानी का चार्ज भी 20 करोड़ दिखाया था, जबकि यह 80 करोड़ बनता है। विज्ञापन टैक्स 80 करोड़ दिखाया गया जो करीब 100 करोड़ रुपये बनता है। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2020-21 के आंकड़ों को देखें तो निगम के लिए कमाई का यह तरीका दूर की कौड़ी ही नजर आता है। दरअसल वित्तीय वर्ष 2020-21 में निगम को 622 करोड़ रुपये की आय हुई है तो 1133 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। निगम का शहरवासियों पर पुरानी स्टांप ड्यूटी के 2 हजार करोड़ रुपये व प्रॉपर्टी टैक्स के 1235 करोड़ रुपये बकाया है। इसी की वसूली कर निगम प्रशासन खजाना भरने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन

करीब 4700 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य
बुधवार को आयोजित बैठक में नगर निगम के मुख्य लेखा अधिकारी विजय सिंगला ने बताया कि प्रस्तावित बजट में लगभग 4700 करोड़ रूपए की आय तथा लगभग 2200 करोड़ रूपए के व्यय का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टांप ड्यूटी की वसूली के लिए एक अलग से बैंक खाता खुलवाकर संबंधित विभाग के साथ लिंक करवा दिया गया है। निगम पार्षदों ने विज्ञापन, ट्रेड लाईसेंस, मीट लाइसेंस, स्ट्रीट वेंडिंग, मोबाइल टावर, लीज ऑफ लैंड आदि के माध्यम से निगम की आय बढ़ाने के सुझाव दिए।
अवैध विज्ञापन लगाने पर 800 के खिलाफ हुई एफआईआर
इसके साथ ही गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को पानी के एवज में दी जाने वाली राशि पर चर्चा करते हुए इस मामले को सदन की आगामी बैठक में रखने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा, म्यूनिसिपल बांड, विज्ञापन, रोड कट चार्ज, लीज ऑफ लैंड, मीट लाईसेंस, स्ट्रीट वेंडिंग संबंधी मामलों को आगामी सदन की बैठक में रखने का फैसला लिया गया। बैठक में बताया गया कि पिछले दिनों अवैध विज्ञापनों के खिलाफ चले अभियान के दौरान अवैध विज्ञापनों को हटाने के साथ ही 800 एफआईआर तथा 1200 चालान किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें