गुुरुग्राम। कोरोना वायरस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चीन से आने वाले प्रत्येक नागरिक पर कड़ी नजर रख रहा है, जिसके तहत उनसे स्व सत्यापन फॉर्म भी भरवाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 20 संदिग्ध चीनी यात्रियों से स्व सत्यापन फॉर्म भरवाकर उनके बारे में विस्तृत जानकारी ली गई है। चीन से आने वाले लोगों की खास तौर पर चीनी शहर वुहान से कनेक्शन की जानकारी ली जा रही है। हालांकि, विभाग को अभी तक वुहान से संबंधित कोई भी यात्री नहीं मिला है।
स्व सत्यापन फॉर्म ज्यादातर उन्हीं से भरवाया जा रहा है, जो पहली बार गुरुग्राम में आए हैं या फिर लंबे समय तक चीन में रहकर वापस भारत लौटे हैं। इससे पहले टोल नाकों पर पोस्टर चिपकाकर व पंफ्लेट इत्यादि देकर लोगों को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी जा रही है। बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से सिर्फ एक मरीज का सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय जैविक संस्थान (एनआईबी) पुणे भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या कहते हैं चिकित्सक
कोरोना वायरस को देखते हुए निजी अस्पतालों में इसके लक्षणों वाले मरीजों की प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें भर्ती किया जा रहा है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से संबंधित मरीजों की प्राथमिक जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं लोगों को इसके बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। मिरकल मेडिक्लीनिक व अपोलो क्रेडल अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चेतना जैन ने बताया कि खांसी और बुखार से पीड़ित किसी भी व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई हो (विशेषकर शिशुओं और बच्चों में) तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर और बाहर दोनों जगह सावधानी बरतनी चाहिए। फ्लू जैसे लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति के साथ निकटता से बचें। कच्चे मांस, मछली और अंडे से बचना चाहिए और भोजन बनाते समय इसे अच्छी तरह से पकाना चाहिए। इसी तरह से कोरोना से बचाव के लिए अन्य सलाह दी जा रही है।