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कोरोना ने रोकी आठ महीने अलवर हाईवे निर्माण की रफ्तार

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गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे का निर्माण गुरुग्राम जिले की सीमा में करीब आठ महीने देरी यानी कि मार्च 2022 तक होने की उम्मीद है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण में देरी के साथ-साथ लागत भी बढ़ने की संभावना है। पिछले साल तक दो पार्ट में इस सिक्सलेन का निर्माण करीब 1300 करोड़ रुपये से प्रस्तावित था।
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इस रोड पर ओवरब्रिज, अंडरपास, पुलिया तथा फ्लाईओवर भी प्रस्तावित हैं। इनका निर्माण कोराना कम होने के बाद अब तेजी से शुरू हो चुका है। सोहना से पहले पिलर 10 और 11 बीच के बीच में पिछले साल ध्वस्त हुए सिग्मेंट का काम भी इस तेजी से कराया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय की हाईपावर कमेटी ने ठेकेदार को जिम्मेदार मानते हुए तीन करोड़ रुपये का पहले ही जुर्माना लगा दिया है। यह राशि अभी ठेकेदार को अदा करनी है।
अधिकारियों के अनुसार, इस हाईवे का पहला पार्ट गुरुग्राम से सोहना से पांच किलोमीटर पहले तक है। इसके लिए 650 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसे अक्तूबर 2021 तक निर्मिति करने का लक्ष्य है। जबकि दूसरा पार्ट मेवात (नूंह) तक रहेगा। जिसके लिए 710 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इसको बनाने का लक्ष्य मार्च 2022 निर्धारित किया गया है। नेशनल हाईवे की ओर से गुरुग्राम जिले की सीमा में सोहना से पूर्व एक टोल प्लाजा भी प्रस्तावित किया गया है। जो कि सड़क का पूरा निर्माण होने पर ही चालू हो सकेगा।
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कोराना कम होने पर अब निर्माण में तेजी आई है। उम्मीद है कि इसका निर्माण मार्च 2022 तक पूरा हो सकेगा। गुणवत्ता के साथ निर्माण कराने के लिए तकनीकी टीम पूरी तरह से लगी हुई हैं। ध्वस्त सिग्मेंट का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
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- शशि प्रकाश, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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