साड़ी चोरी करने का संदेह होने पर दिया था वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नाथूपुर गांव में साड़ी चोरी करने का संदेह होने पर युवक की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना करीब सवा दो साल पहले 15 अगस्त 2023 की है। गवाह व सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया।
15 अगस्त 2023 को डीएलएफ फेस-3 थाना क्षेत्र में नाथूपुर गांव में दो सिक्योरिटी गार्ड अजय सिंह व पिंटू कुमार के बीच साड़ी चोरी होने को लेकर आपस में झगड़ा हो गया था। इस झगड़े के दौरान अजय सिंह ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पिंटू कुमार पर फायर कर दिया। पिंटू कुमार को एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गोली चलाने वाले अजय सिंह के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने कासगंज (उत्तर प्रदेश) के सराए पट्टी सिद्धपुर गांव निवासी अजय सिंह को 16 अगस्त 2023 को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2002 में उत्तर प्रदेश से आर्म्स लाइसेंस बनवाया था और वह वर्ष 2005 से गुरुग्राम के नाथुपुर में अपने परिवार सहित किराये के मकान में रह रहा था। यहां एमजी रोड स्थित फिलिंग स्टेशन पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसकी पत्नी की साड़ी चोरी हो गई थी, जिसका शक उनके पड़ोस में रहने वाले पिंटू कुमार पर था। इस पर 15 अगस्त 2023 को ड्यूटी के लिए निकलते समय अजय सिंह की पिंटू कुमार से साड़ी चोरी करने को लेकर बहस हो गई। बहस के दौरान मृतक पिंटू कुमार ने अजय सिंह को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद अजय सिंह ने अपनी लाइसेंसी डोगा राइफल से पिंटू कुमार पर फायर कर दिया। गोली पिंटू कुमार के पेट में लगी और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई एक राइफल (डोगा 12 बोर), दो खाली खोल व आरोपी का आर्म्स लाइसेंस बरामद किया था।
पुलिस द्वारा आरोपी अजय सिंह के खिलाफ अदालत में चार्जशीट और एकत्रित किए गए साक्ष्य व गवाह पेश किए गए। एडिशनल सेशन जज सुनील कुमार देवन की अदालत ने आरोपी अजय सिंह को गवाह व सबूतों के आधार पर दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माना के अलावा धारा 27(1) आर्म्स एक्ट के तहत सात साल की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।