-अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। करीब पांच साल पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. राहुल बिश्नोई की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी भीम पुत्र राजबीर निवासी गांव आलदोका को दोषी करार दिया है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
प्रकरण 24 नवंबर 2021 को थाना सदर नूंह में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता रामधन ने बताया था कि उसका भाई पूर्ण गांव के एक भट्टे पर चौकीदारी करता था। 23 नवंबर की रात ड्यूटी के दौरान उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। अगली सुबह वह गंभीर हालत में मिला, जहां उसने आरोपी भीम पर हमले का आरोप लगाया। बाद में मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। मजबूत जांच और पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। फैसले में अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर है, लेकिन यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में नहीं आता, इसलिए उम्रकैद की सजा उचित है। अदालत ने कहा कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।