गुरुग्राम। एमराल्ड इस्टेट सोसाइटी में पेड़ काटने के मामले में गांव मैदावास के ग्रामीणों और एमार व आइरियो बिल्डर के बीच एक बार फिर विवाद पैदा हो गया है। यहां मंगलवार की रात कई पेड़ काट दिए गए और बिल्डर ने सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रामीणों पर पेड़ काटने का आरोप लगाया है जबकि काटे गए पेड़ उस जगह डाले गए है जहां कुछ दिन पहले बीडीपीओ ने सोसाइटी की दीवार को तोड़ा था। दीवार टूटने के कारण यहां से बाहर के लोगों के घुसने की संभावना हो गई थी।
वन विभाग ने सोसाइटी में पेड़ काटे जाने की जांच शुरू कर दी है। वन राजिक अधिकारी कर्मबीर मलिक ने बताया कि पेड़ काटे जाने की उन्हें सूचना मिल चुकी है और वह मामले की जांच कर रहे है। दरअसल सोसाइटी में पेड़ काटने की वन विभाग से अनुमति नहीं ली गई थी। ग्रामीणों और बिल्डर के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा है। गांव मैदावास निवासियों के अनुसार एमार व आइरियो बिल्डर ने गांव के श्मशान घाट के रास्ते को अपने प्रोजेक्ट में लेने की एवज में एक सामुदायिक केंद्र बनाने का आश्वासन दिया था। वर्ष 2017 में पंचायत ने प्रस्ताव पास कर आला अधिकारियों को सौंप दिया, लेकिन बिल्डर ने इस मामले में अपना पक्ष अधिकारियों के समक्ष नहीं रखा। इस कारण अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। मामला लंबे समय से लंबित होने के कारण ग्रामीणों ने सीएम विंडो पर शिकायत दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बीडीपीओ ने पुलिस बल की मौजूदगी में एमराल्ड इस्टेट सोसाइटी की दीवार को तोड़ दिया। इसके साथ ही सोसाइटी के अंदर बास्केटबॉल कोर्ट को भी तोड़ा। इस कार्रवाई के बाद सोसाइटी की तोड़ी गई दीवार के पास लगे पौधे काट कर रास्ता बंद कर दिया गया है।