तावडू। नगर में सब्जी मंडी के स्थान बदलने पर विवाद और गहरा गया है। सब्जी मंडी व्यापारियों के दो गुटों में बंटने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। एक गुट ने सोमवार सुबह अचानक निजी भूमि किराये पर लेकर अलग सब्जी मंडी शुरू कर दी, जिसे हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना माना जा रहा है। इस गुटबाजी से न केवल व्यापारी, बल्कि सब्जी बेचने वाले किसान भी परेशान हैं।
मंडी आढ़ती शांति स्वरूप, आस मोहम्मद, कर्मवीर यादव, मम्मन खान, फौजी, हाजी सोहराब, प्रभु दयाल, दीपक मंगला और आबिद ने कहा कि नई सब्जी मंडी को 19 मई को कोर्ट के आदेशानुसार निर्धारित स्थान पर शांतिपूर्ण तरीके से स्थानांतरित कर दिया गया था।
इसके बावजूद कुछ व्यापारी विरोध कर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस दौरान दर्जनभर लाइसेंसधारी आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय में पहुंच अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि नई मंडी में बिजली, पानी, छाया और सुरक्षा जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कुछ व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
आढ़तियों का कहना है कि उन्होंने स्थायी मंडी में करोड़ों रुपये खर्च कर दुकानें ली थीं, ताकि उनका व्यापार फले-फूले और किसानों को उचित दाम मिले। लेकिन अब चंद व्यापारियों के विरोध से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। फल विक्रेता प्रभु दयाल, सब्जी विक्रेता कर्मवीर यादव और श्याम सुंदर सैनी ने बताया कि नई मंडी सुविधाओं और सुरक्षा के लिहाज से उपयुक्त है, जबकि निजी भूमि पर शुरू की गई मंडी में बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं का अभाव है। कच्ची जमीन पर सब्जी खरीद-बिक्री से किसानों और व्यापारियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि या तो मंडी को पूरी तरह निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, या उनकी निवेश राशि ब्याज सहित वापस की जाए।
इस विवाद को लेकर मार्केट कमेटी सचिव मनीष कुमार ने बताया कि तीन आढ़तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। दोनों पक्षों के साथ बातचीत चल रही है और सहमति की संभावना है। अगर सहमति नहीं बनी, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।