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कंटेनमेंट जोन तो बढ़ गए लेकिन पहले जैसी सख्ती नहीं

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गुरुग्राम। शहरी इलाके में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन की संख्या तो बढ़ा दी लेकिन पहले की तरह सख्ती नहीं की जा रही है। स्थिति यह है कि कंटेनमेंट जोन में भी मनमाने तरीके से लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। इसकी निगरानी करने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई मजबूत व्यवस्था नहीं की जा रही है।
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पिछले साल कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में कंटेनमेंट जोन में लोगों की आवाजाही को लेकर पुलिस काफी सख्त थी और अनावश्यक रूप से किसी को नहीं जाने दिया जा रहा था लेकिन इस वर्ष ऐसा कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले साल तो वाहनों को रोकने के लिए बांस-बल्लियों का सहारा लिया जा रहा था लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है।
यूपीएचसी तिगड़ा में सर्वाधिक इलाके कंटेनमेंट जोन
सबसे ज्यादा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिगड़ा में 23 इलाकों को कंटेनमेंट जोन में शामिल किया गया है जबकि बादशाहपुर क्षेत्र में 14 इलाकों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इनमें भी कोई आने-जाने वालों पर कोई खास सख्ती नहीं की जा रही है। पिछले साल तो कंटेनमेंट जोन बनाए गए एक-एक इलाकों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर लोगों के अनावश्यक रूप से आने-जाने पर सख्ती की जा रही थी।
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ये क्षेत्र कंटेनमेंट जोन में शामिल
प्रशासन की तरफ से जारी की गई नई सूची के मुताबिक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) तिगड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बादशाहपुर (पीएचसी), पीएचसी पलड़ा, यूपीएचसी राजेंद्रा पार्क, यूपीएचसी फिरोज गांधी कॉलोनी, यूपीएचसी सुखराली, पीएचसी भांगरौला, यूपीएचसी चंद्रलोक, यूपीएचसी गांधीनगर, पीएचसी दौलताबाद, यूपीएचसी सूरत नगर, पीएचसी चौमा, यूपीएचसी फाजिलपुर, यूपीएचसी लक्ष्मण विहार, यूपीएचसी राजीव नगर, पीएचसी गढ़ी हरसरू, पीएचसी वजीराबाद, पीएचसी मल्लूहेरा व नाथूपुर को कंटेनमेंट जोन में शामिल किया गया है। इससे पहले करीब दो दर्जन इलाके ही कंटेनमेंट जोन में शामिल थे।
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