यूजीसी के नए प्रावधान वापस लेने और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अखिल भारतीय सवर्ण महासंघ की राष्ट्रीय संघर्ष समिति गुरुग्राम की ओर से आरक्षण व्यवस्था और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर परशुराम वाटिका पटौदी रोड में कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व ब्राह्मण संघ के चेयरमैन पंडित शशिकांत शर्मा ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को मजबूत करने के लिए आरक्षण व्यवस्था की समयानुकूल समीक्षा जरूरी है।
आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंद और वंचित व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए व्यवस्था में पारदर्शिता, योग्यता और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए। शशिकांत शर्मा ने कहा कि लंबे समय से लागू आरक्षण व्यवस्था के उद्देश्यों और उसके वास्तविक परिणामों का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। जाति के साथ आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन को भी नीतियों में महत्वपूर्ण आधार बनाया जाए। शर्मा ने यूजीसी के 2026 के नए प्रावधानों को वापस लेने और पूर्व में लागू जाति-निरपेक्ष दिशा-निर्देशों को पुन: लागू करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया में योग्यता, पारदर्शिता और समान अवसर को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।