पीड़ित ने भ्रष्टाचार के लगाए आरोप, उपायुक्त ने दिया न्याय का भरोसा
गुरुग्राम। होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक बनने वाली छह लेन की सड़क के बीच में आने वाली सम्पत्तियों के मुआवजा देने के नाम पर लापरवाही का खुलासा हुआ है। मुख्य सचिव के आदेश पर लगाए जाने वाले समाधान शिविर में एक वरिष्ठ नागरिक ने सभी अधिकारियों के सामने मंगलवार को इस बात का खुलासा किया कि दो विभागों में आपसी तालमेल का खामियाजा वह भुगत रहा है। इसके कारण तीन साल से वह चक्कर काट रहा है। इतना ही नहीं विभाग की ओर से इस प्रॉपर्टी के अन्य तीन हिस्सेदारों को अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
समाधान शिविर में पीड़ित की शिकायत के अनुसार होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक के बीच में वरिष्ठ नागरिक दिनेश खन्ना का पेस होटल है। छह लेन की सड़क के मार्ग में आने के कारण इसका अधिग्रहण किया गया है। इसमें 105 कमरे हैं और तीन स्टार स्तर का होटल था। अधिग्रहण के नोटिस के बाद उसने आठ साल पहले उसकी वैल्यू 26 करोड़ बताई थी। राजस्व विभाग की ओर से छानबीन में उसके होटल की जगह घर बता कर उसका मुआवजा एक करोड़ 59 लाख रुपया दिया गया। आरोप है नगर निगम की ओर से 9 लाख रुपये प्रति वर्ष उसका टैक्स मांगा जाता रहा है।
उनका आरोप है कि राजस्व विभाग ने मुआवजा ठीक लगवाने के लिए उनसे मोटी रकम मांगी थी। जो उन्होंने नहीं दी। जिसके कारण उसे परेशान किया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारियों की ओर से किए कारनामे को लेकर हाईकोर्ट चले गए हैं। जहां पर उनकी ओर से अपना पक्ष नहीं रखा जा रहा है। समाधान शिविर में उनको सुनने के बाद उपायुक्त निशांत यादव ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख कर हाईकोर्ट में अपना पक्ष समय पर रखने को कहा है। साथ ही उन्हें भरोसा दिया है कि उनको पूरा न्याय मिलेगा।