उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति दो महीने में सौंपेगी रिपोर्ट
अतिक्रमण का शिकार हो रहे तालाब की हकीकत पता लगाने को समिति गठित
सेक्टर-37 स्थित तीन एकड़ तालाब पर हो रहा है अतिक्रमण और कूड़ा डांपिंग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने अतिक्रमण और कूड़ा डंपिंग का शिकार हुए शहर के सेक्टर-47 स्थित तीन एकड़ में फैले तालाब की वास्तविक स्थिति का पता लगाने और उसको प्रदूषण से बचाने के तरीके पता लगाने के लिए उपायुक्त की सदस्यता वाली समिति गठित की है। दो महीने में यह समिति अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगी। मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को है।
इस संबंध में एक याचिका प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की गई थी जिसमें कहा गया था कि तालाब पर अतिक्रमण किया जा रहा है और उसमें कूड़ा डंप किया जा रहा है।
याचिका में कहा गया है कि कूड़ा डंप करने से यहां मच्छर पनप रहे हैं इससे जनस्वास्थ्य को खतरा हो रहा है। तालाब के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग को निर्देश देने की मांग की गई है। प्राधिकरण के न्यायिक सदस्य जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल ने कहा कि प्रथम दृष्टया याचिका में जो विषय उठाया गया है वह पर्यावरण के लिए गंभीर है। इसके लिए एक संयुक्त समिति गठित की जानी चाहिए जो वस्तुस्थिति का पता लगाने के साथ-साथ समस्या के समाधान के विषय में भी बताए। इस समिति में गुरुग्राम के उपायुक्त के अलावा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस संबंध में बेंच ने पिछले सप्ताह आदेश पारित कर दिए हैं। समिति एक सप्ताह के अंदर साइट का निरीक्षण करेगी। दो महीने के अंदर समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।