नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे युवाओं को बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने बनाई योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के युवाओं को नशे रूपी दलदल से बाहर निकालने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। अब जिले के कॉलेजों के प्राचार्यों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे जिले में नशे के हॉट स्पॉट चिन्हित करें। इसके लिए वे पुलिस का सहयोग ले सकते हैं। जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन के साथ-साथ विद्यालय व महाविद्यालय के विद्यार्थियों को नशा न करने के बारे में जागरूक किया जाएगा। युवाओं को नशे की लत से रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
बता दें कि जिले में नशा युवाओं को दिन प्रतिदिन अपनी गिरफ्त में ले रहा है। पिछले दिनों उपायुक्त के रात्रि ठहराव कार्यक्रम में ग्रामीणों ने नशाखोरी के मुद्दे को उठाया था। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शराब की खाली बोतलें, नशे के इंजेक्शन आदि देखे जा सकते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने योजना तैयार की है। जिसमें उन्होंने ग्रामीणों से भी आह्वान किया कि सभी को मिलकर नशे मुक्त जिला बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। वहीं उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जिले में नशे की तस्करी में शामिल लोगों पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ नियमित बैठकें आयोजित जाएंगी ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों बारे जागरूक किया जा सके। जिले में सर्वे से नशा करने वालों की पहचान की जाएगी और उनकी काउंसलिंग करवाई जाएगी।
नशा बेचने व नशा करने वालों की दें सूचना:
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने युवाओं से आह्वान किया कि सरकार व जिला पुलिस द्वारा नशा मुक्त समाज का निर्माण करने के लिए चलाई जा रही मुहिम में भी बढ़-चढकर भाग लें। यदि कोई व्यक्ति नशा बेच रहा है अथवा सेवन कर रहा है तो इसकी सूचना पुलिस को अवश्य दें। जो भी व्यक्ति गांव में ड्रग्स लेता है उसकी सूचना नजदीकी थाना प्रभारी को दें।