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Gurugram News: जल शोधन परियोजना में देरी पर सीएम सख्त, जीएमडीए के मुख्य अभियंता पर गिरी गाज

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निविदा प्रक्रिया में अनियमितता पर मुख्य अभियंता को किया चार्जशीट
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बसई जल शोधन परियोजना की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार जीएमडीए के मुख्य अभियंता को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई, जिससे राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। इस चूक के कारण कार्यान्वयन में अनावश्यक देरी हुई, जिससे जनता को समय पर लाभ नहीं मिल पाया।
चंडीगढ़ में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) और उच्चाधिकार प्राप्त कार्य क्रय समिति (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठकों के दौरान ये निर्देश जारी करते हुए सैनी ने कहा कि परियोजना की निविदा प्रक्रिया में नियमों की जानबूझकर अनदेखी की गई, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। सीएम ने अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही और अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
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सीएम ने कहा कि जनहित के विरुद्ध कोई भी कार्य किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी और जवाबदेह शासन प्रदान करना है। विकास परियोजनाओं में ईमानदारी, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

एक परियोजना को दो भाग में बांटने का आरोप
शहर में पेयजल आपूर्ति को बेहतर करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र के दूसरे फेज में (चौथी यूनिट) 100 एमएलडी का नया संयंत्र और 600 एमएलडी के दो स्टोरेज टैंक समेत अन्य कार्य कराने की योजना है। तत्कालीन मुख्य अभियंता ने एक ही परियोजना को दो भाग में बांटकर टेंडर लगा दिया था। इसमें पानी शोधन संयंत्र को अलग और पानी स्टोरेज समेत अन्य कार्य को अलग बांट दिया। टेंडर की प्रक्रिया पूरा होने पर इस सवाल उठा। इसे सीएम से मंजूरी के लिए भेजा गया तो इसमें कुछ जानकारी मांगी गई थी। शुक्रवार को भी इस परियोजना भी मंजूरी के लिए रखा जाना था। इसी दौरान सीएम ने तत्कालीन मुख्य अभियंता को चार्जशीट करने का आदेश दिया है। बता दें कि बसई स्थित जल शोधन संयंत्र की क्षमता 270 एमएलडी है। इसमें 100 एमएलडी का पानी शोधन संयंत्र और स्टोरेज टैंक समेत अन्य कार्य एक साथ कराने थे लेकिन दोनों कार्य के लिए अलग-अलग टेंडर लगाया गया। 100 एमएलडी के चौथे पेयजल शोधन संयंत्र के निर्माण पर करीब 89.64 करोड़ रुपये का खर्च करने की योजना है। दूसरे टेंडर 600 एमएलडी की क्षमता के 2 आरसीसी टैंक का निर्माण समेत अन्य पर अनुमानित लागत 98.55 करोड़ रुपये हैं जबकि इस कार्य को एक साथ ही टेंडर जारी होना था। बसई स्थित जल शोधन संयंत्र पर यमुना नहर से 69 किलोमीटर से पानी लाया जाता है।
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जीएमडीए की परियोजनाओं में हो रही देरी
जीएमडीए को शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए बड़ी योजनाओं पर काम करना है लेकिन सड़क, सीवर और पानी संबंधी परियोजनाओं में लगातार देर हो रही है। फ्लाई ओवर, अंडरपास, एसटीपी और पानी शोधन संयंत्रों का काम काफी देरी से चल रहा है। इससे लोगों को समय से लाभ नहीं मिल रहा है। सीएम की कार्रवाई से अन्य अभियंताओं पर सख्ती का संदेश जाएगा।
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