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सीएम साहब...आप जिस अस्पताल का उद्घाटन कर गए वहां एक भी डॉक्टर नहीं

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गुरुग्राम (पंकज मोहन मिश्रा)। कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच शासन-प्रशासन की तरफ से सब कुछ दुरुस्त दिखाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। व्यवस्थाएं दुरुस्त भले ही न हों लेकिन जनता में अच्छा संदेश देने के लिए प्रशासन के द्वारा मुख्यमंत्री से फीता कटवाया जा रहा है। एक दिन पहले ही सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बने जिस अस्थायी अस्पताल का उद्घाटन करके गए, वहां पर अगले दिन एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। यह बात तब और महत्वपूर्ण हो जाती है, जब मुख्यमंत्री ने खुद उद्घाटन के बाद अस्पताल में व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया था।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बनाए गए जिस अस्पताल का उद्घाटन किया था वहां का नजारा अगले ही दिन बिल्कुल बदला-बदला सा नजर आया। एक दिन पहले जहां डॉक्टरों की लंबी-चौड़ी फौज दिखाई दी थी वहीं अगले दिन अस्पताल में दूर-दूर तक एक भी डॉक्टर देखने को नहीं मिला। अलबत्ता जहां पर डॉक्टर की ओपीडी के लिए वार्ड बनाया गया था, वहां पर सोमवार को हार्डवेयर का सामान व गत्ते रखे हुए मिले। एक दिन पहले प्रत्येक बेड के पास रखे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सोमवार को गायब थे, तो काफी खोजने के बाद भी कोई डॉक्टर नहीं मिला। यहां तक कि प्रत्येक बेड पर चादर तक नहीं थी।
बिजली कनेक्शन के लिए की जा रही थी वायरिंग
अस्थायी अस्पताल में मरीजों के लिए की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं को देखकर गदगद मुख्यमंत्री ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनके जाते ही व्यवस्थाओं में इतनी तब्दीली हो जाएगी कि मरीज को परामर्श देने के लिए एक डॉक्टर भी मौजूद नहीं होगा। उद्घाटन के दौरान अस्पताल में व्यवस्थाओं को देखकर ऐसा लग रहा था कि बस मरीज आएंगे तो सीधे उनको भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं था। दरअसल जहां पर रविवार को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखे हुए थे, वहीं पर अगले दिन बिजली के कनेक्शन के लिए वायरिंग की जा रही थी। ऐसे में कहा जा सकता है कि व्यवस्थाओं में काफी खामियां थीं, जिन्हें दुरुस्त करने से पहले ही सब कुछ ठीक दिखाने के चक्कर में मुख्यमंत्री से उद्घाटन करा दिया गया।
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‘मौका अच्छा था उद्घाटन हो गया’
कोविड मरीजों के लिए बनाए गए अस्थायी अस्पताल का उद्घाटन होने के बाद यहां पर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल आम लोगों को पता है कि सीएम ने उद्घाटन किया है तो अस्पताल में जाने पर आसानी से इलाज मिल जाएगा लेकिन सच्चाई यह है कि सोमवार दोपहर तक अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। इस बारे में पूछने पर मौके पर मौजूद अस्पताल के प्रभारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सीएम साहब आए थे, मौका अच्छा था तो लगे हाथ भी उद्घाटन भी हो गया। रही बात व्यवस्थाओं की तो वह एक-दो दिन में दुरुस्त हो जाएंगी।
उपायुक्त ने नहीं दिया कोई जवाब
इस बारे में जिला उपायुक्त से विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए उनको फोन किया गया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। संदेश का भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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