निगमायुक्त ने बैठक में कहा, गुरुग्राम में स्वच्छता को जनांदोलन बनाने की तैयारी हुई तेज
02 दिन हर माह में होंगे विशेष जागरूकता कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने शहर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें गुरुग्राम की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान निगमायुक्त ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यवहार और आदतों से जुड़ा विषय है।
बैठक में स्वच्छता अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी संस्थाओं से इसमें सक्रिय सहयोग का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी मिलकर नागरिकों को जागरूक करें और स्वयं आदर्श प्रस्तुत करें, तभी गुरुग्राम को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकेगी। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविन्द्र यादव भी मौजूद रहे।
हर माह होंगे विशेष जागरूकता कार्यक्रम
बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम प्रत्येक माह दो दिन विशेष स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, एनजीओ प्रतिनिधि और स्वयंसेवक मिलकर न केवल अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाएंगे, बल्कि नागरिकों को पॉलीथीन और सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, कचरे का पृथक्करण करने और पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित करेंगे।
सात सितंबर को मेगा स्वच्छता ड्राइव
निगमायुक्त ने बैठक में बताया कि सात सितंबर को एक मेगा स्वच्छता ड्राइव आयोजित की जाएगी। इस अभियान में सभी एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाओं से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। उन्होंने कहा कि यह ड्राइव गुरुग्राम को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
इस अवसर पर स्वास्तिक फाउंडेशन, कपड़ा थैला बैंक, कलर कोड फाउंडेशन, अघोर सेवा संस्थान, यूथ क्लब, सीडी संकल्प, युवा एकता इंडिया, एक उड़ान, ऑल स्किल्स एंड रिसर्च, बुलंद आवाज वेलफेयर सोसायटी, आईपीसीए, यूनाइटेड वे दिल्ली और असमी फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के लगभग 50 प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
नागरिक सहयोग जरूरी
बैठक में एनजीओ प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम और सामाजिक संस्थाएं केवल तभी सफल होंगी जब नागरिक इसमें जिम्मेदारी से सहयोग करेंगे। स्वच्छ गुरुग्राम का सपना तभी साकार होगा, जब यह अभियान सरकार का नहीं, जनता का अभियान बन जाएगा।