संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना नगरपरिषद क्षेत्र में चल रहा स्वच्छता अभियान पूरी तरह से असफल साबित हो रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं, जो नागरिकों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन गए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली निजी एजेंसी अपने दायित्वों में विफल हो गई हैं और नगरपरिषद के पास पर्याप्त सफाई वाहन भी नहीं पहुंच रहे हैं।
सरकार की ओर से सितंबर में शुरू किए गए और 25 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान की हवा निकल गई है। बाजार, मोहल्ले, गलियां और मुख्य सड़कें गंदगी से पटी पड़ी हैं। मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
नगरपरिषद ने फॉगिंग कराने में भी लापरवाही बरती है, जिससे लोगों में भारी रोष है। नगरपरिषद के कार्यकारी अभियंता अजय पंगाल ने बताया कि डोर-टू-डोर सेवा का ठेका मुनीफ अहमद को दिया गया है, जो पर्याप्त वाहन उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए पांच साल के लिए स्थायी एजेंसी नियुक्त करने के प्रस्ताव के लिए डीएमसी गुरुग्राम को पत्र भेजा गया है। सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी सफाई व्यवस्था की विफलता को गंभीर समस्या बताया है और परिषद द्वारा वसूले जा रहे गार्बेज शुल्क के बावजूद सेवा न मिल पाने पर नाराजगी जताई है।