स्वदेशी समृद्धी निष्ठा सहयोग योजना के तहत मिलना था मृतक की पत्नी को मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले विजय कुमार की पत्नी की ओर से 90 दिन बाद मुआवजे के लिए आवेदन करने पर बीमा कंपनी मुआवजा रोक दिया था। कंपनी को अब पांच लाख रुपये का क्लेम ब्याज के साथ देना होगा। यह मुआवजा पतंजलि की तरफ से स्वदेशी समृद्धी निष्ठा सहयोग योजना के तहत दिया जाएगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
फर्रुखनगर के ख्वासपुर गांव निवासी संगीता ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उनके पति विजय कुमार की मौत नौ जनवरी 2019 को एक सड़क हादसे में हो गई थी। उन्हें कुछ समय बाद पता चला कि अगर किसी व्यक्ति ने पतंजलि के स्वदेशी समृद्धी निष्ठा सहयोग योजना के तहत कार्ड लिया हुआ है तो सड़क हादसे में मृतक के परिजन को पांच लाख रुपये और अगर कार्ड धारक दिव्यांग हो जाता है तो 2.5 लाख रुपये मिलते है। यह मुआवजा जभी मिल सकता है अगर कार्ड से हादसे से 180 दिन पहले छह हजार रुपये से ज्यादा का सामान खरीदा गया हो।
उन्होंने आयोग को बताया कि उनके पति ने सामान खरीदा था। उन्होंने पतंजलि कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया तो उनकी तरफ से आवेदन खारिज करते हुए कहा गया कि उन्होंने 90 दिन बाद आवेदन दिया था। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि महिला विधवा है। ऐसे में उन्हें कार्ड की पूरी जानकारी नहीं थी। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने उसका आवेदन कर दिया। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह पांच लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से दें। इस राशि पर नौ जनवरी 2019 से ब्याज देना होगा। इस दौरान महिला को हुई मानसिक परेशानी होने पर 50 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए 22 हजार रुपये देने होंगे।