शाम सात बजे के बाद घर जाने के लिए नहीं मिलता सार्वजनिक परिवहन, लोगों को हो रही परेशानी
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। शहर में शाम 7 बजे के बाद बस अड्डा, मेट्रो स्टेशन और रेलवे स्टेशन से घर पहुंचना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। दिन के मुकाबले रात में सिटी बसों की संख्या कम हो जाती है, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में ऑटो, ई-रिक्शा और कैब लेनी पड़ती है। इसका फायदा उठाकर ऑटो-रिक्शा चालक यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं।
शहर के बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन, एमजी रोड मेट्रो स्टेशन, गुड़गांव रेलवे स्टेशन और इफ्को चौक जैसे इलाकों से रोजाना हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई और अन्य काम के बाद घर लौटते हैं। दिन के समय जहां इन इलाकों से 5 से 7 किलोमीटर की दूरी के लिए ऑटो चालक 80 से 100 रुपये लेते हैं, वहीं रात में यही किराया 150 से 250 रुपये तक पहुंच जाता है। लोगों का कहना है कि कैब चालक भी सामान्य किराये से कहीं अधिक रकम मांगते हैं। कई बार ऐप पर कैब बुक करने के बाद भी चालक फोन कर अलग से अतिरिक्त पैसे मांगते हैं और मजबूरी में ज्यादा किराया देना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है अगर रात के समय पर्याप्त सिटी बसें चलाई जाएं और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए तय किराया सख्ती से लागू किया जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है।
हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से घर जाता हूं। दिन में जहां 70 रुपये में ऑटो मिल जाता है, वहीं रात में चालक 150 से 200 रुपये तक मांगते हैं। मना करने पर कोई जाने को तैयार नहीं होता। - मोहनलाल, बादशाहपुर निवासी
कोचिंग खत्म होने के बाद रात में घर लौटना मुश्किल हो जाता है। कई बार बस नहीं मिलती और कैब वाले ज्यादा पैसे मांगते हैं।
-शादाब, सेक्टर -37 निवासी
रेलवे स्टेशन पर रात में उतरने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ऑटो चालक मनमाना किराया मांगते हैं। 120 की जगगह 250 रुपये तक मांगे जाते हैं। -देवेंद्र, गुड़गांव गांव निवासी
रात में सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोग मजबूरी में ज्यादा पैसे खर्च करते हैं। प्रशासन को रात के समय बसों और शेयर ऑटो की संख्या बढ़ानी चाहिए। -अंतपाल, बादशाहपुर