इन्होंने बच्ची को ढूंढने का प्रयास किया। लेकिन वह कहीं नहीं मिली। 24 अप्रैल की सुबह इसकी बच्ची इनके कमरे से लगभग 300 मीटर दूर बेहोशी की हालत में मिली। इसकी बेटी के शरीर पर चोट के निशान थे। उस व्यक्ति ने इसकी बेटी के साथ गलत काम करने की कोशिश की। शिकायत पर महिला थाना पूर्व, गुरुग्राम में पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया।
गुरुग्राम पुलिस ने उपरोक्त अभियोग में आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उप-निरीक्षक सत्य प्रकाश, प्रभारी अपराध शाखा सोहना, गुरुग्राम व महिला निरीक्षक गीता, प्रबन्धक महिला थाना पूर्व, गुरुग्राम की पुलिस टीमों ने उपरोक्त अभियोग में 50 हजार के ईनामी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अथक प्रयास किया। आरोपी को काबू करने के लिए पुलिस तकनीकी की सहायता से गुरुग्राम, दिल्ली, झांसी, पूना, रतलाम में रेड की। जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को 24 जुलाई 2024 को रतलाम मध्य-प्रदेश से काबू करने में बड़ी सफलता हासिल हुई।
आरोपी की पहचान रतन निवासी गांव बलिहारी जिला छतरपुर मध्य-प्रदेश) उम्र 50 वर्ष के रूप में हुई, जिसे उपरोक्त अभियोग में नियमानुसार गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने पीड़िता बच्ची के माता-पिता के सो जाने के बाद बच्ची को एकांत में ले जाकर बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मार्च-2024 में थाना चंदला मध्य-प्रदेश के इलाके में छह वर्षीय लड़के के साथ कुकर्म करने की वारदात को अंजाम देने का खुलासा किया है। छह वर्षीय लड़के के साथ कुकर्म करने की वारदात के अभियोग में भी यह वांछित था। आरोपी से पुलिस पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि यह वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए दूसरे शहर में चला जाता था। दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देकर वहां से किसी अन्य स्थान पर जाकर मजदूरी करने लगता। पुलिस से बचने के लिए आरोपी अपने ठिकने बदलता रहता था।
आरोपी का अपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी के अपराधिक रिकॉर्ड अवलोकन से ज्ञात हुआ कि आरोपी वर्ष-2005 में अपने ही गांव की एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 10 वर्ष की सजा काट चुका है। जिसमें आरोपी सजा काट के वर्ष 2015 में जेल से बाहर आया था।