अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चिंटेल्स इंडिया ने सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के विस्थापितों को एक जनवरी 2025 से किराया देना शुरू कर देगा। बिल्डर के साथ एग्रीमेंट करने वाले लोगों को 15 रुपये प्रति स्क्वायर फीट दर से पैसे मिलेंगे। इसकी जानकारी बिल्डर से प्रशासन और आरडब्ल्यूए को दे दी है।
चिंटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में सारे अप्रूवल मिलने के बाद किराया देने की बात थी लेकिन इसमें अभी और समय लग सकता है। ऐसे में चिंटेल्स ने फैसला किया है कि एक जनवरी 2025 से उन सभी फ्लैट मालिकों को किराया दिया जाए, जिन्होंने रीडेवलपमेंट एग्रीमेंट पर साइन किया है। उपाध्यक्ष ने कहा कि पुनर्निर्माण कार्य की शुरुआत के साथ-साथ किराया भी शुरू होना चाहिए। बिल्डर की तरफ से किराये की जानकारी जिला प्रशासन को भेज दी गई है।
जेएन यादव ने कहा कि बीच में स्थानीय लोगों के साथ मतभेद के कारण पुनर्निर्माण कार्य में देरी हुई है। बिल्डर द्वारा प्रस्तावित किराये के अनुसार फ्लैट मालिकों को 15 रुपये प्रति स्क्वाॅयर फीट के हिसाब से किराया दिया जाएगा। ऐसे में फ्लैट की साइज के अनुसार 30 से 50 हजार रुपये महीने किराया मिल सकता है। वहीं, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने कहा कि वैसे तो यह पैसा बिल्डर को दिसंबर से देना चाहिए था लेकिन यह एक जनवरी से दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी से यह रेट तय किया है। उन्होंने कहा कि बिल्डर को जल्द असुरक्षित टावरों को तोड़ने का काम तेज करना चाहिए। दूसरी ओर कंपनी ने पांचों टावरों के फ्लैटों में लगी खिड़कियों, पाइप, दरवाजे, फायर सिस्टम समेत अन्य सामानों को निकाल लिया है। जेएन यादव ने बताया कि टावरों को तोड़ने में छोटी मशीनों का प्रयोग में लाया जाएगा। एडिफिस कंपनी को तोड़ने का ठेका दिया गया है। चिंटेल्स के असुरक्षित टावरों में डी, ई, एफ, जी और एच को पहले तोड़ा जाना है। उन्होंने सीवर-पानी व फायर सिस्टम को शिफ्ट करने के बाद काम में तेजी जाएगी।