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चिंटेल्स: ई और एफ टावरों के फ्लैट मालिकों को किराया नहीं, मिलेगा सिर्फ शिफ्टिंग का पैसा

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टावर के फ्लैट मालिकों ने सामान बांधना शुरू किया, रविवार तक दूसरी जगह हो जाएंगे शिफ्ट
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अमर उजाला ब्यूरो


गुरुग्राम। चिंटेल्स सोसाइटी के एफ टावर में रह रहे दोनों परिवारों ने फ्लैटों को तो खाली करना शुरू कर दिया है, लेकिन उनका दर्द यह है कि उन्हें दूसरी जगह रहने का किराया नहीं दिया जा रहा है। यही हालत डी टावर को छोड़कर अन्य टावरों के फ्लैट मालिकों की है। प्रशासन ने ई और एफ टावर के मेन गेट को सील कर दिया है। फ्लैट मालिकों को बेसमेंट के रास्ते से अपना सामान निकालना पड़ रहा है।
एफ टावर के फ्लैट संख्या-901 में रहने वालीं कंचन सिंह कहती हैं कि वह फ्लैट तो खाली कर रही हैं लेकिन बड़ी तकलीफ है कि बिल्डर सिर्फ शिफ्टिंग का पैसा दे रहा है। किराया नहीं दे रहा है। जबकि पहले कहा गया था कि जब तक मामला निपट नहीं जाता तब तक बिल्डर दूसरी जगह रहने के लिए किराया देगा। वह कहती हैं कि टावर में छठी और सातवीं मंजिल तक की स्थिति खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो फ्लैट मालिक फ्लैट के बदले बिल्डर से पैसा ले रहे हैं उन्हें वह चार महीने का किराया जरूर दे रहा है लेकिन जो फ्लैट के बदले फ्लैट की मांग कर रहे हैं उन्हें किराया नहीं दिया जा रहा है। कंचन सिंह कहती हैं कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए उन्होंने बिल्डर के दिए दोनों ऑप्शन में से कोई भी स्वीकार नहीं किया है। वह रविवार तक पालम विहार में किराए के घर में शिफ्ट हो जाएंगी।
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एफ टावर में ही फ्लैट संख्या-1403 में रहने वाले जितेंद्र मलिक गृह मंत्रालय से रिटायर निदेशक हैं। वह कहते हैं कि एफ टावर के जिस फ्लैट की बॉलकनी झुकने की बात कही जा रही है वह डेढ़ साल से झुकी हुई है। वह फ्लैट तो खाली कर रहे हैं लेकिन इसमें उनकी मर्जी नहीं है। वह सोसाइटी के ही सी टावर में किराए पर शिफ्ट हो रहे हैं लेकिन बिल्डर किराया नहीं दे रहा है। उन्होंने फ्लैट के बदले फ्लैट लेने का विकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि उनका फ्लैट पूरी तरह सही है। उनके सामने वाला फ्लैट 1404 भी पूरी तरह सही है। वह सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।


सितंबर 2022 को उपायुक्त ने एफ टावर की झुकी बालकनी को देखा


एफ टावर के फ्लैट 403 में बालकनी झुकने की जानकारी मिलने पर स्वयं उपायुक्त निशांत कुमार यादव सितंबर 2022 में मौके पर पहुंचे थे। उस समय उन्होंने इन ब्लाक में क्रैक आने की बात कही और कहा था कि बालकनी झुक रही है। उस समय डी टावर की रिपोर्ट नहीं आई थी। उपायुक्त ने डी टावर की रिपोर्ट के आधार पर दोनों टावरों के संबंध में फैसला लेने के लिए कहा था।


चार जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

चिंटेल्स मामले की सुनवाई चार जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में है। अब यहां के फ्लैट मालिकों की अब अदालत की कार्रवाई पर निगाहें लगी हुई हैं। यहां ई और एफ टावर के मुख्य गेट को सील किए दिए जाने को लेकर निवासियों के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जिला प्रशासन को नोटिस भी दिया हुआ है।
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चार टावर पूरी तरह असुरक्षित, दो की रिपोर्ट का इंतजार

10 फरवरी 2022 को डी टावर में हादसा होने के बाद पहले डी टावर को रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया। इसके बाद ई और एफ टावर फिर जी टावर को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया। इन सभी टावरों में क्लोराइड युक्त पानी से हुए निर्माण के चलते जंग लगने और ढांचा कमजोर होने की बात कही है। ए टावर का वार्षिक ऑडिट कराने के लिए कहा है। एच टावर की रिपोर्ट प्रतीक्षा में है।


एफ टावर की खराब हालत और रहने वालों के जीवन की सुरक्षा को देखते हुए टावर जल्द से जल्द खाली करने के लिए कहा गया है।- मनीष यादव, डीटीपी प्रवर्तन
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