सशक्त शैशव, सुरक्षित परिवार अभियान शुरू, जननी, यू-विन, आरबीएसके 2.0 और पोषण ट्रैकर से जोड़ा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नवजात शिशुओं, छोटे बच्चों और माताओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सशक्त शैशव, सुरक्षित परिवार (एसएसबीएसके) कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। जिले में बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और डिजिटल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग इसके तहत हर नवजात और बच्चे का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जननी, यू-विन, आरबीएसके 2.0 और पोषण ट्रैकर से जोड़ा जाएगा।
विभाग का कहना है कि इससे बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम निगरानी, समय पर फॉलो-अप और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा, ताकि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। इस पहल के माध्यम से पहली बार जोखिम वाले नवजात शिशुओं और बच्चों की नियमित घर-घर निगरानी, मातृ मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को एक मंच पर लाया जाएगा।
घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच
योजना के तहत जोखिम वाले नवजात शिशुओं के लिए अधिकतम नौ बार तथा जोखिम वाले बच्चों के लिए अधिकतम आठ बार घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और परामर्श दिया जाएगा। इन दौरों का उद्देश्य जन्म के बाद होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके और बच्चों का स्वस्थ विकास हो।
अभियान की विशेषता यह है कि आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स एवं प्रसूति सेविका (एएनएम), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संयुक्त रूप से परिवारों के घर पहुंचकर बच्चों और माताओं की देखभाल करेंगे। इससे स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और प्रत्येक परिवार तक समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
गर्भवती महिलाओं पर खास ध्यान
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर स्वस्थ शिशु सत्र आयोजित किए जाएंगे। योजना में मातृ स्वास्थ्य को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य की जांच, आवश्यक परामर्श तथा प्रारंभिक बाल विकास के लिए सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे मां और बच्चे दोनों का समग्र स्वास्थ्य बेहतर हो सके।
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स्वास्थ्य विभाग ने सशक्त शैशव, सुरक्षित परिवार अभियान शुरू किया है। इसके तहत नवजात और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं डिजिटल होंगी। सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे, जिससे निगरानी, फॉलो-अप और उपचार अधिक प्रभावी व आसान हो सकेगा। -
डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग