नन्हे कियान ने न तो हिम्मत हारी, न ही डरकर पीछे हटा। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए उसने बिना एक पल गंवाए मदद के लिए शोर मचाना शुरू किया और अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने दोस्त को खंभे से छुड़ाने की हरसंभव कोशिश में जुट गया। कियान की गूंजती आवाज ने पार्क में मौजूद बड़ों को सतर्क कर दिया।
सोसाइटी के निवासी और सेवानिवृत्त कमांडर राजेश छिब्बर समेत आसपास मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। कियान की इसी त्वरित सूझबूझ और तत्परता की बदौलत वक्त रहते बिजली का संपर्क तोड़ा जा सका और उस मासूम को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एक पल की भी देरी शायद किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी, लेकिन नन्हे फरिश्ते ने दोस्ती और इंसानियत की मिसाल पेश की। आरडब्ल्यूए ने कियान के अदम्य साहस और मानवीय संवेदना की सराहना की। साथ ही अभिभावकों से अपील भी की कि वे बच्चों को ऐसे संकट के समय सतर्क रहने, घबराने के बजाय बड़ों को तुरंत बुलाने और बिजली के झटके की स्थिति में सीधे छूने से बचने के बुनियादी नियम जरूर सिखाएं, ताकि हिम्मत के साथ-साथ हर बच्चा सुरक्षित भी रह सके।