संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वचलित (ऑटो) इंतकाल प्रणाली तथा पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ किया। हरियाणा निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर दोनों योजनाओं की शुरुआत की। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा तथा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त (राजस्व) डॉ. सुमिता मिश्रा मौजूद रही। वहीं नूंह के उपायुक्त अखिल पिलानी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सरल, सुगम और सुविधाजनक बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने से अब नागरिक घर बैठे अपने इंतकाल की स्थिति देख सकेंगे और उसकी प्रति डाउनलोड व प्रिंट भी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत सितंबर 2025 में लाडवा तहसील से की गई थी, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। अब दूसरे चरण में रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ इंतकाल प्रणाली को भी जोड़ा गया है।
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा और संबंधित इंतकाल संख्या तत्काल उपलब्ध होगी। जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि अन्य मामलों का निपटारा अधिकतम 10 दिनों में किया जाएगा। आधार आधारित इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक पहचान और क्यूआर कोड आधारित दस्तावेज सत्यापन जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।
कार्यक्रम के बाद उपायुक्त अखिल पिलानी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों और उप-तहसीलों में नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।