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Gurugram News: गरीब बेटियों की शादी कराने के नाम पर ठगी

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पैसे लेने के बाद भी नहीं दिया दहेज का सामान, पुलिस जांच में जुटी
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शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात इलाके में बेटियों की शादी के नाम पर पैसे ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पैसे जमा करने के बाद भी गरीबों को बेटी की शादी के लिए दहेज का सामान नहींं दिलवाया गया तो मामला पुलिस प्रशासन तक पहुंचा। गरीबों ने पुलिस कप्तान नरेंद्र सिंह बिजारनिया से संलिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर इंसाफ की मांग की है। मामले में गरीबों के साथ हिदायत कमांडो ने पहल शुरू की है। पुलिस कप्तान की ओर से पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया गया है। आरोप है कि शादी के नाम पर पैसे ऐंठने वाले गिरोह के सदस्य पिछले कुछ दिनों से अपने ठिकानों से नदारद हो गए हैं। बेटियों की शादी के लिए पैसा जमा कराने वाले पीड़ित दर-दर भटक रहे हैं।
पिछले कई महीनों से कुछ लोगों का एक गिरोह मेवात में सक्रिय था। गिरोह गरीब लोगों से संपर्क करता और उनसे एक लाख दस हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक पैसे लेकर लोगों को आश्वासन देता था कि वो उनकी बेटी का विवाह करेंगे। उसमें दहेज में मोटरसाइकिल के साथ-साथ तमाम अन्य दहेज का सामान देंगे। लोगों में अपना विश्वास जमाने के लिए इस गिरोह ने इलाके में करीब 20 से 25 शादी कराई भी। जिससे लोगों का विश्वास इस गिरोह पर होने लगा। इसके बाद यहां अपनी बेटियों की शादी कराने के लिए मेवात व मेवात से सटे राजस्थान के करीब 500 लोगों ने एक से डेढ़ लाख रुपये इस गिरोह के सदस्यों के पास जमा कर दिए। यह गिरोह भारी भरकम रकम इकट्ठा होने के बाद मौके से फरार हो गया। अब लोग लगातार उनके घर के चक्कर काट रहे हैं। इतना ही नहीं, बात नहीं बनती देख कुछ लोगों ने पुलिस को भी शिकायत की है। बताया जा रहा है यह गिरोह गरीब लोगों के 5 से 7 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया। आरोपियों ने एक दो सामूहिक विवाह सम्मेलन कराकर प्रशासनिक अधिकारियों को भी उसमें बुलाया। इससे लोगों का विश्वास ओर बढ़ता चला गया।
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कय्युम निवासी उदाका, मुबारिक निवासी उदाका, आमीन निवासी कोटला, इस्माइल निवासी बूराका ने शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी बेटियों की शादी के लिए एजेंटों के मार्फत अरशद मौलाना को डेढ़ लाख पर शादी के हिसाब से पैसे जमा किए थे। आरोपियों द्वारा इस कीमत में एक मोटरसाइकिल, शादी का सारा सामान और कन्यादान देने का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन न तो सामान दिया गया और न कन्यादान व बाइक। आरोप है कि आरोपी मौलाना अरशद अपने ठिकानों से भी फरार चल रहा है। वो उनके घर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन वो फरार है।
एजेंट लगाते थे शादी की अर्जी
महूं चोपड़ा (एक चौक का नाम) पर गिरोह में शामिल लोग बैठकर शादी की अर्जी लगाते थे। इलाके में गिरोह के कई एजेंट सक्रिय थे, जो लोगों से रकम लेकर महूं चोपड़ा जमा कराते थे। जिन्हें ऐसा करने पर अच्छा खासा कमीशन दिया जाता था। पैसे जमा करने के बाद पीड़ितों को इसका कोई पुख्ता सबूत भी नहीं दिया जाता था। लालच के चलते नाबालिग बेटियां भी इसकी शिकार हुई हैं। बीच-बीच में जब लोग हंगामा करते तो उन्हें सामान दिला दिया जाता।
राजस्थान से हुई शुरुआत
भरतपुर जिले के कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के नीमलाका गांव से सैकुल नाम के एक व्यक्ति द्वारा यह पहल शुरू की गई। जो अब तक इस मामले में करोड़ों की रकम ऐंठ चुका है। हालांकि पुलिस ने सैकुल सहित गिरोह में शामिल कई लोगों पर केस भी दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी सैकुल अभी भी फरार है। यहां इस झांसे के शिकार कई हजार लोग बताए जा रहे हैं। पुलिस इस मामले में संलिप्त सभी आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है।
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सैकड़ों शादियां अटकीं
आरोपियों द्वारा पैसे जमा कराने के बाद भी सामान नहीं दिलाने के कारण सैकड़ों लोगों की शादियां अटकी हुई हैं। इनमें कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिन्हें कुछ सामान देकर बाकी सामान के लिए ईद के बाद को कहा गया है। लेकिन अधिकतर ऐसे हैं, जिन्हें कुछ भी नहीं दिया गया है। लोगों का कहना है कि बेटियों की शादी के लिए जो पूंजी उन्होंने इकट्ठा की हुई थी, उसे आरोपियों के हवाले कर दिया गया है। ऐसे में अब उनके पास बेटी की शादी के लिए रकम नहीं बची है।
फोटो- ठगी के एजेंटों के घर पर लगी पीड़ितों की भीड़।
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