पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में साइबर ठग रिश्तेदार बनकर, कोरियर देने, नौकरी देने समेत अन्य बातों का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। एक युवक से ठगों ने उसका जीजा बनकर करीब 71,149 रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बताया कि आरोपी की आवाज जीजा जैसी लग रही थी, ऐसे में शक नहीं हुआ। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का प्रयोग किया होगा।
फाजिलपुर निवासी विमल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 दिसंबर को एक युवक का फोन आया और बोला कि तुम्हारा जीजा राम बोल रहा हूं। पैसों की जरूरत है, साथी के खाते में भेज दो। इस पर पीड़ित ने 71,149 रुपये भेज दिए। पीड़ित ने बताया कि आरोपी जीजा बनकर फोन किया और बोला कि आर्मी में कार्यरत मौसेरे भाई को पैसे दो। उनकी तबीयत खराब है और अस्पताल में भर्ती हैं। विमल ने बताया कि आरोपी की बातचीत का लहजा हूबहू जीजा के आवाज से मिलती थी और ऐसे में शक नहीं हुआ। आरोपी ने उसकी पत्नी से भी बात की। ठगों के पास उनका और उसकी पत्नी का भी नंबर था। उनका कहना है कि बाद में जब जीजा की तबीयत जानने के लिए फोन किया तो मामले का खुलासा हुआ।
2-
चाबी बनाने के नाम पर 2.47 लाख और गहने ठगे
गुरुग्राम के सेक्टर-14 थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को राह चलते चाबी बनाने वाले युवक से चाबी बनवाना भारी पड़ गया। आरोपी जेवरात व दो लाख 72 हजार रुपये की नकदी चोरी कर फरार हो गया। ओल्ड दिल्ली रोड निवासी योगेंद्र सिंह ने बताया कि अलमारी की चाबी गुम हो गई थी। 20 दिसंबर की दोपहर को घर के छज्जे पर बैठा था तो एक चाबी मेकर आया। आरोपी ने 5-10 मिनट में चाबी बनाई और अलमारी खोलने और बंद करने के बाद कहा कि ताला ठीक नहीं है। 26 दिसंबर को दूसरे मिस्त्री को बुलाया तो आलमारी से सामान गायब मिला। आरोपी ने आलमारी से 2.72 लाख रुपये, एक सोने की चेन, दो सोने की अंगूठी और चांदी के गहने उठा ले गए। सीसीटीवी की जांच में आरोपी घर से एक बैग लेकर निकलता दिखाई दे रहा है।
3
टैक्सी रद्द कराने के नाम पर 5.93 लाख ठगे
डीएलएफ चार निवासी शिल्पा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 19 अगस्त को तीन बार में खाते से पैसे निकल गए। उन्होंने बताया कि 193000 रुपये निकलने का मैसेज आया। इसके बाद चांदना नाम से दो लाख और मोहसीन मलिक के नाम पर दो लाख रुपये निकाले गए हैं। आरोपियों ने टैक्सी बुक कराने के बाद कैंसिल करने के दौरान ठगी के लिए ओटीपी का प्रयोग किया।
4
नौकरी के नाम 19800 रुपये ठगे
चरखी दादरी निवासी अमरजीत वर्तमान में सेक्टर 72 में रहते हैं। उन्होंने ऑनलाइन नौकरी के लिए आवेदन किया था। आठ दिसंबर को एक युवक का फोन आया और नौकरी के लिए बातचीत की। आरोपी ने कहा कि पहली बार पंजीकरण के लिए 50 रुपये देना होगा। पीड़ित ने ऑनलाइन पेज खोला। क्रेडिट कार्ड की जानकारी डालते ही 19800 रुपये कट गए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
5
ऐनीडेस्क डाउनलोड करवा चार लाख ठगे
भोंडसी निवासी रिटायर्ड फौजी राजेंद्र कुमार ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि 24 नवंबर को ऑनलाइन रिलायंस में फिक्स डिपोजिट योजना में निवेश करना था। पीड़ित ने बताया कि एचडीएफसी बैंक से पैसे रिलायंस में भेजना था। उन्होंने ऑनलाइन एक हेल्प लाइन नंबर लिया और कर्मी से बातचीत की। इस पर कर्मी ने कप्यूटर में एनीडेस्क डाउनलोड करने को कहा। आरोपी ने एफडी कराने के नाम पर कई बार में चार लाख रुपये ठग लिए।
6
आईफोन लेकर हुआ फरार
कृष्णा कॉलोनी निवासी इशांत ने बताया कि करोल बाग दिल्ली से गुरुग्राम के लिए आईफोन मंगाया था। कोरियर कंपनी के कर्मचारी ने कहा कि आधे घंटे में लोकेशन पर पहुंच जाऊंगा। पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया और आईफोन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
7
कोरियर देने के बहाने ठगे पांच लाख
साउथ सिटी निवासी मलिक सोनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साइबर ठगों ने पांच लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बताया कि कोरियर कंपनी से एक पैकेज डिलीवर करने के लिए फोन आया था। आरोपी ने कोरियर देने के लिए ओटीपी देने को कहा। पीड़ित ने बताया कि बैंक का जरूरी कागजात है। ऐसे में कई बार कहने पर उसे ओपीटी नंबर दे दिया। पांच मिनट बाद ही खाते से पांच लाख रुपये निकल गए। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।