उपभोक्ता आयोग से
- उपभोक्ता आयोग ने 30 रुपये नौ फीसदी ब्याज समेत लौटाने के साथ 15 हजार मुआवजा और 11 हजार कानूनी खर्च देने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सामान के साथ तीन कैरी बैग के 30 रुपये अलग से लेना सेक्टर-102 स्थित रेड टैप स्टोर को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्टोर संचालक को खरीदार को 30 रुपये नौ फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के अलावा मानसिक परेशानी के लिए 15 हजार रुपये मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया में खर्च हुए 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग की सदस्य ज्योति सिवाच ने दिया।
सेक्टर-14 निवासी रविंद्र जैन ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि 30 अगस्त 2025 को उन्होंने सेक्टर-102 स्थित रेड टैप स्टोर से 4713 रुपये का सामान खरीदा था। सामान रखने के लिए स्टोर संचालक ने उन्हें तीन कैरी बैग दिए और इसके लिए अलग से 30 रुपये वसूले। शिकायतकर्ता ने कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क लेने को अनुचित बताते हुए आयोग का रुख किया।
मामले की सुनवाई के दौरान स्टोर संचालक की ओर से कोई दलील पेश नहीं की गई। आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की सुनवाई की। आयोग ने कहा कि बड़े स्टोर और दुकानदार यदि कैरी बैग के नाम पर ग्राहकों से अलग से शुल्क लेते रहेंगे तो इससे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा। आयोग ने माना कि कैरी बैग के लिए शुल्क वसूलने की प्रवृत्ति ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेने का नया चलन बन सकती है। आयोग ने स्टोर संचालक को 30 रुपये की राशि नौ फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया। इसके अलावा शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए 15 हजार रुपये और कानूनी प्रक्रिया में हुए खर्च के लिए 11 हजार रुपये देने होंगे।