सुभाष चौक, वाटिका चौक, सोहना रोड, मेदांता रोड और सेक्टर 22/23 का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पीसी मीणा मंगलवार को अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। उन्होंने जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जल निकासी में मिली खामियों को दूर करने और भविष्य में जलभराव रोकने के लिए स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत सुभाष चौक से हुई। यहां जलभराव की समस्या को देखते हुए सीईओ ने उपयुक्त स्थान पर संप बनाकर पंप लगाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान पानी की जल्द निकासी हो सके। रिहायशी और व्यावसायिक भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की भी जांच कराने को कहा। साथ ही सुपर सकर मशीन से ड्रेनेज की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद वाटिका चौक पहुंचकर उन्होंने हाल में तैयार लेग-4 ड्रेन का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न स्थानों से आने वाले पानी को अधिक मात्रा में लेग-4 में डायवर्ट करने के निर्देश दिए। इससे बादशाहपुर ड्रेन यानी लेग-3 पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
सोहना रोड पर एयरिया मॉल के सामने जलभराव वाले स्थान का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क एनएचएआई के अधीन है और सर्विस लेन का ढलान सही नहीं होने से पानी जमा हो रहा है। सीईओ ने फिलहाल एनएचएआई के समन्वय से पंप लगाकर पानी नजदीकी तालाबों में पहुंचाने के निर्देश दिए। इस पानी को सेक्टर 68/69 सड़क के साथ प्रस्तावित सरफेस ड्रेन में डालने की योजना है।
इसके बाद सीईओ ने मेदांता रोड, अंडरपास और ताऊ देवी लाल स्टेडियम क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की सभी सरफेस ड्रेनों को नई ड्रेन से जोड़ने के निर्देश दिए। अधिकारियों को बारिश के दौरान ड्रेन में पानी के स्तर की नियमित निगरानी कर वीडियो के माध्यम से स्थिति से अवगत कराने को भी कहा।
सेक्टर-17सी के सामने सुखराली स्वागत गेट के निरीक्षण के दौरान ड्रेन के ऊपर गेट का एक पिलर बना मिला। इससे ड्रेन का प्रभावी दायरा कम हो रहा था। सीईओ ने एमसीजी के मुख्य अभियंता को खामी तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।
पेड़ों की जड़ों से क्षतिग्रस्त हुई पुरानी ड्रेन
सेक्टर 22/23 और 23ए में निरीक्षण के दौरान लेग-1 के किनारे दो स्थानों पर ड्रेन क्षतिग्रस्त मिली। सेक्टर 23ए में ड्रेन की दीवार गिरने से सड़क और फुटपाथ का हिस्सा तथा स्ट्रीट लाइट का पोल भी ड्रेन में गिरा मिला। जांच में सामने आया कि ड्रेन के पास लगे पेड़ों की जड़ें पुरानी ईंटों की दीवार में प्रवेश कर गई थीं, जिससे दीवार क्षतिग्रस्त हुई। सीईओ ने ड्रेन की मरम्मत कराने और जल प्रवाह क्षेत्र से सभी अवरोध हटाने के निर्देश दिए। ड्रेन के ऊपर स्ट्रीट लाइट के पोल, ट्रांसफार्मर और भूमिगत बिजली की लाइनें भी मिलीं। निरीक्षण के दौरान लेग-1, लेग-2 और लेग-3 यानी बादशाहपुर ड्रेन की भी स्थिति देखी गई। निरीक्षण के दौरान जीएमडीए के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी, एमसीजी के मुख्य अभियंता विजय ढाका, ट्रैफिक पुलिस के एसीपी इंद्रजीत सहित जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।