गुरुग्राम। नए सत्र की शुरुआत के साथ जहां स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया तेज होनी चाहिए, वहीं जनगणना ड्यूटी के कारण कई सरकारी स्कूलों में यह काम धीमा पड़ गया है। बड़ी संख्या में शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाए जाने से स्कूलों में स्टाफ की कमी हो गई है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्थिति पर चिंता जताते हुए जिला उपायुक्त को मांग-पत्र सौंपा है। संघ के जिला प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि 1 अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन उसी दिन जनगणना के लिए शिक्षकों की ड्यूटी और ट्रेनिंग भी शुरू कर दी गई है। इससे कई स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में तो लगभग पूरा स्टाफ ही जनगणना कार्य में लगा हुआ है, जिसके कारण बच्चों के दाखिले, अभिभावकों से बातचीत और जरूरी कागजी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे में दाखिला अभियान की रफ्तार धीमी पड़ रही है। शिक्षक संघ का कहना है कि शिक्षकों पर एक साथ दो बड़ी जिम्मेदारियां डाल दी गई हैं, जिससे दोनों ही काम प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए उन्होंने मांग की है कि फिलहाल शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से राहत दी जाए, खासकर उन शिक्षकों को जो बीएलओ के रूप में अन्य कार्य भी देख रहे हैं।
इसके अलावा, गंभीर बीमारी से जूझ रहे और दिव्यांग शिक्षकों को भी इस ड्यूटी से छूट देने की मांग की गई है। संघ ने यह भी कहा कि स्कूल हेड को दाखिला अभियान और निपुण मिशन के चलते इस कार्य से अलग रखा जाए। संघ का सुझाव है कि जनगणना कार्य के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों की मदद ली जाए, ताकि स्कूलों में पढ़ाई और दाखिला प्रक्रिया बिना रुकावट के जारी रह सके। संंवाद