सेक्टर-57 स्थित धर्मस्थल को जलाने और मौलवी की हत्या मामले में गिरफ्तार युवकों की रिहाई की मांग को लेकर की गई थी महापंचायत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-57 स्थित धर्मस्थल को जलाने और उसमें मौलवी की हत्या किए जाने के आरोप में गिरफ्तार गांव तिगरा के चार युवकों की रिहाई की मांग को लेकर रविवार को आयोजित हुई महापंचायत पर सेक्टर-56 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि इस पंचायत में भड़काऊ भाषण दिए गए थे। सेक्टर-56 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार की तहरीर पर आईपीसी की धारा 153 ए, 153बी, 188, 505 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में कुलभूषण भारद्वाज और बबीता गुर्जर को नामजद किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुलभूषण भारद्वाज ने अपने भाषण में सरकार फेल होने की बात कहकर मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा था और कहा था कि अगर नूंह उनसे न संभलता हो तो योगी के राज में जोड़ दें। जबकि लाखूवास गांव की रहने वाली बबिता गुर्जर ने कहा था कि धर्मस्थल तोड़ने का अगर पंचायत फैसला करती है तो वह सबसे पहले तोड़ने वालों में शामिल होंगी।
पुलिस ने इस मामले में गांव तिगरा के रहने वाले चार युवकों को गिरफ्तार किया था। उन पर हत्या व हत्या के प्रयास का आरोप है। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जिन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वह बेकसूर हैं। इनकी रिहाई किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पहले सेक्टर-56 थाने का भी घेराव किया था। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीण वापस लौट गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग को न माना गया तो वह रविवार को क्षेत्र में महापंचायत कर बड़े आंदोलन की घोषणा करेंगे। रविवार को जब ग्रामीण गांव तिगरा में पंचायत के लिए एकत्र होने लगे तो यहां पुलिस ने कड़ी सुरक्षा कर दी। हालांकि इस दौरान जिलाधीश के आदेश पर धारा 144 लगाई गई थी, लेकिन बावजूद इसके भी ग्रामीण यहां जुट गए। पुलिस की मानें तो मना करने के बावजूद भी यहां पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में कुछ लोगों द्वारा भड़काऊ भाषण दिए गए जिसके बाद संबंधित थाना प्रभारी ने तहरीर देकर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।