प्लॉट पर कब्जा ना देने के कारण हुई कार्रवाई, फर्जी नोटिस भेजकर आवंटन रद्द करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 14 साल पहले प्लॉट बुक कराने के बाद उसका 47 लाख भुगतान करने के बावजूद कब्जा न देने के मामले में खेड़कीदौला थाना पुलिस ने वाटिका बिल्डर के एमडी व निदेशक सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बिल्डर की ओर से यह कब्जा 11 साल पहले दिया जाना था मगर उसकी ठगी के चलते पीड़ित अब भी भटक रहा है। पुलिस महानिदेशक को भेजी शिकायत पर जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार सिकंदरपुर बढ़ा निवासी प्रदीप कुमार ने 23 जून को पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। इसमें पीड़ित ने बताया कि उसने सेक्टर 82ए स्थित वाटिका इंडिया नेक्स्ट में प्लॉट खरीदने का प्लान बनाया, इसके लिए उन्होंने रजनीश कुमार सिंह और रिचू सिंह से मुलाकात की। साल 2009 में सी ब्लॉक में 240 वर्ग गज का प्लॉट पजेशन पेमेंट स्कीम में वाटिका लिमिटेड से 47 लाख 52 हजार रुपये खरीदा था। फरवरी में शिकायत कर्ता ने इस प्लॉट को इस दंपति से खरीद लिया। 60 हजार रुपये वाटिका लिमिटेड को देकर इस प्लॉट को अपने और अपने भाई के नाम पर ट्रांसफर करवा लिया।
पूर्व खरीदार और वाटिका ग्रुप के बीच हुए बिल्डर-खरीदार समझौते के तहत 36 महीने यानी साल 2012 में पजेशन देना था। नवंबर 2012 में पाया कि वाटिका ग्रुप यह प्लॉट नहीं देना चाह रहा है। वाटिका ग्रुप ने उनसे बिना बात किए सेक्टर 82ए स्थित टाउनसेंड एवेन्यू में वैकल्पिक प्लाट अलॉट कर दिया। जब ऐतराज किया तो धमकी दी कि यदि वैकल्पिक प्लॉट नहीं लेते हैं तो उनके प्लॉट की अलॉटमेंट को कैंसिल कर देंगे।
प्लॉट की कीमत को 47.52 लाख से बढ़ाकर 56.62 लाख रुपये कर दिया। बिल्डर-खरीदार समझौते के तहत शिकायतकर्ता ने 36.85 लाख रुपये दे दिए थे। साल 2020 में रियल एस्टेट कंपनी ने कार्यालय बदल दिया। उन्हें स्कीम के तहत कोई डिमांड नोटिस नहीं दिया। साल 2021 में उन्हें बताया गया कि उन्हें 37.88 लाख रुपये देने हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें 26 अगस्त, 2020 का एक पत्र दिया। जिसके मुताबिक उनके प्लॉट की आवंटन निरस्त हो चुकी है।
आरोप है कि ये फर्जी नोटिस वाटिका ग्रुप ने बनाया। उनके घर यह पत्र नहीं भेजा था। हरेरा में याचिका दायर की, जहां से उनके पक्ष में फैसला आया। हरेरा में सुनवाई के दौरान वाटिका ग्रुप ने इस प्लॉट को राम नरेश और सुनीता गहलावत को बेच दिया। शिकायत पर थाना खेड़की दौला ने पहले इस मामले में जांच की। इसके बाद वाटिका ग्रुप के एमडी गौतम भल्ला, डायरेक्टर अनिल भल्ला के अलावा सुरेंद्र सिंह, श्याम लाल गुप्ता, राम नरेश और सुनीता गहलावत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।