बार-बार रिमांइडर भेजने के बाद नहीं दी गई बकाया राशि
1.45 करोड़ में हुआ था करार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम ने समय से फ्लैट के रुपये न देने पर बिल्डर की ओर से किए गए आवंटन रद्द को सही ठहराया। हरेरा ने फैसले में कहा कि बकाया राशि का समय पर भुगतान नहीं करने पर फ्लैट का आवंटन रद्द करना बिल्डर का वैद्य अधिकार है।
दिल्ली के मानसरोवर गार्डन निवासी अमित लखोटिया और सपना लखोटिया ने दायर याचिका में बताया कि उन्होंने सेक्टर-89ए स्थित एटीएस मैरीगोल्ड परियोजना में एक फ्लैट बुक किया था और इसके लिए कुल 1.19 करोड़ रुपये कंपनी को दिए थे। बिल्डर से 1.45 करोड़ रुपये में करार तय हुआ था। बिल्डर को 16 जून 2023 को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) मिल गया था। इसके बाद 20 जून 2023 को खरीदारों को फ्लैट का कब्जा लेने की पेशकश की गई थी।
खरीदारों ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। डेवलपर की ओर से 27 जुलाई, 22 नवंबर और 31 दिसंबर 2023 को भुगतान के लिए रिमाइंडर भी भेजे गए। इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं होने पर बिल्डर ने 2 अप्रैल 2024 को फ्लैट का आवंटन रद्द कर दिया।
प्राधिकरण के अध्यक्ष अरुण कुमार ने आदेश में स्पष्ट किया कि आवंटियों की जिम्मेदारी है कि वे आवंटन से संबंधित भुगतान निर्धारित समय पर करें और अपने दायित्वों का पालन करें। बिल्डर ने शिकायतकर्ताओं को मूल भुगतान और ब्याज सहित कुल 1.24 करोड़ रुपये आरटीजीएस और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से वापस कर दिए थे। प्राधिकरण ने भुगतान में चूक, आवंटन रद्द किए जाने की परिस्थितियों और राशि लौटाए जाने समेत सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद खरीदारों की शिकायत खारिज कर दी।